vishnu puran in pdf

vishnu puran in pdf-|Vishnu puran kya hai| Leave a comment

Vishnu puran in pdf (Vishnu puran kya hai?)

विष्णु पुराण एक महान ग्रन्थ (vishnu puran in pdf) है, जिसको महर्षि वेदव्यास द्वारा लिखा गया था। महर्षि वेदव्यास जी द्वारा यह प्रथम ग्रन्थ;  जो लिखा गया था।  विष्णु पुराण में 23000  श्लोको को लिखागया है तथा इसमें 6  अंश हैं जिसको लिखा गया था। विष्णु पुराण को जो भी मनुष्य सुनता है और मनन करता है, वह निश्चित ही परम पद को प्राप्त होता है, और इस मर्त्य लोक से छुटकारा पा सकता है। इसिलए हर किसी को विष्णु पुराण अवश्य ही सुनना चाहिए।


पुराणसंहिताकर्ता भवान् वत्स भविष्यति।

इस महान ग्रन्थ जिसमे भगवान् विष्णु ध्रुव और श्री कृष्ण अवतार की कथाएं सम्मिलित हैं।

What is vishnu puran?

हमारी इस धरती का नाम पृथ्वी राजा पृथु के नाम से पड़ा था। विष्णु पुराण में लिखा गया है की, जिस किसी को भी यह मनुष्य जीवन मिला है; वह देवताओं से भी अधिक भाग्यशाली हैं, क्योंकि यही एक ऐसा जन्म है, जिस जन्म में ईश्वर की प्राप्ति होना संभव है और किसी भी योनि में नहीं। मनुष्य जन्म ही ईश्वर प्राप्ति के लिए सबसे सुयोग्य बताया जाता है।


गायन्ति देवाः किलगीतकानि धन्यास्तुते भारतभूमि भागे।

स्वर्गापवर्गास्पदमार्गभूते भवन्ति भूयः पुरूषाः सुरत्वात्।।

vishnu puran in pdf

What is Purana?

पुराण का मतलब प्राचीन या पुराना होता है। पुराण एक संस्कृत शब्द है। पुराण हिन्दू धर्म में घटित हुए इतिहास की कहानियों कथाओं को संजोये हुए है जिसमे सृष्टि का प्राचीन इतिहास लिखा गया है। पुराण चाहे वह भगवान से सम्बंधित हो भगवान् के अवतारों से सम्बंधित हो या सृष्टि के प्राम्भ से चली आ रही  घटनाओं से सम्बंधित हो, सब कुछ पुराणों में लिखा गया है।

Puran kya hain?

पुराण(vishnu puran in pdf) में जो कुछ भी लिखा गया हो, परन्तु यहाँ पर यह कहना जरूरी है की पुराणों का असली अर्थ यही है कैसे इश्वर को प्राप्त किया जाए। हर एक पुराणों के बारे में जानकारी भले ही न हो या कोई न भी ले परन्तु असली मर्म तो यही है की कैसे इश्वर की ओर कैसे बड़े यही एक पुराणों का ज्ञान है।

 vishnu puran in pdf

Kya kehte hain puran?

‘‘यान् यान् कामानभिप्रेत्य पठेत्प्रचतमानसः।
तांस्तान् सर्वानवाप्नोति पुरुषो नात्र संशयः।।

पुराण का असली मतलब और कहना यही है की कैसे मनुष्य अपना कल्याण कर सके और ईश्वर में प्रीती जगा सके तथा कैसे परमतत्व की प्राप्ति मनुष्य कर सके यही पुराण बताते है।

Who wrote vishnu puran

विष्णु पुराण को महर्षि वेदव्यास ने लिखा था।

 vishnu puran in pdf

How old is vishnu puran

विष्णु पुराण 18 महापुराणों (vishnu puran in pdf) में से एक महत्वपूर्ण पूर्ण है। जिसे महर्षि वेदयास जी ने लिखा था। हिन्दुओं के चार ग्रन्थ बताये गए हैं।

रामायण
महाभारत

स्मृति
पुराण।

सतयुग के प्रथम चरण में ब्रहम्मा द्वारा वेदव्यास गई ने विष्णु पुराण की रचना की।

Bhagavan vishnu ke kitne avatar the?

यह तो सर्व विदित है की जब जब धर्म की हानि होती है तब तब इस धरती पर भगवान् मनुष्य रूप में अवतार लेते हैं। उसी प्रकार भगवान् विष्णु ने भी समय-समय पर अवतार लिए भगवान् विष्णु के 23  अवतार थे।

 vishnu puran in pdf

bhagavan vishnu ke 24 avatar kaun se hain

यहाँ पर यह बताना आवश्यक है की भगवान् विष्णु के 23 अवतार अभी तक हुए हैं चौबीसवाँ अवतार अभी होना शेष है जो कल्कि नाम से होगा।

भगवान् विष्णु के 24 अवतार जो निम्नलिखित हैं

वराह अवतार,                      नारद अवतार,                      नर नारायण अवतार,          कपिल मुनि अवतार,

दत्तात्रेय अवतार,               यज्ञ अवतार,                         भगवान् ऋषभदेव अवतार,      आदिराज पृथु,

मत्स्य अवतार,                    कूर्म अवतार,                      भगवान धन्वन्तरि अवतार,     मोहिनी अवतार,

भगवान् नरसिंघ अवतार,  वामन अवतार,                 हयग्रीव अवतार,                  श्री हरी अवतार,

महर्षि वेदव्यास अवतार,     हंस अवतार,                      श्री राम अवतार,             श्री कृष्णा अवतार,

बुद्ध अवतार,                  कल्कि अवतार                       श्री सनकादिक मुनि,          परशुराम अवतार,

Kab hoga kalayug me bhagavan ka janm?

जब-जब धरती पर पाप  बढ़ा है भगवान् इस धरती पर अवतरित होकर पपो से भक्तों की रक्षा करते हैं। इसी प्रकार जब कलियुग(vishnu puran in pdf) में पाप अपनी चरम सीमा पर पहुँच जाएगा तब भगवान् विष्णु इस धरती में कल्कि अवतार के रूप में जन्म लेंगे। भगवान् कल्कि चौबीस कलाओं से युक्त होंगे। जब कल्कि भगवान् अवतरित होंगे तब परशुराम हनुमान अश्वथामा सहित आठ चिरंजीवी महापुरुष भी सभी के सामने प्रकट होंगे। वेदो और पुराणों के अनुसार माना जाता है की ये आठों महापुरुष अभी भी इस सृष्टि में ही हैं परन्तु गोपनीय रूप से रह रहे हैं।

 vishnu puran in pdf


Kahan hoga kalayug me bhagavan ka janm?

श्रीमद्भागवत के बारहवे स्कंद के अनुसार काली अवतार सावन मास के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को होगा। कल्कि अवतार तब होगा जब कलियुग अपने चरम सीमा पर होगा और सतयुग का आरम्भ होने वाला होगा। कल्कि भगवान उत्तर प्रदेश में गंगा और रामगंगा के बीच बसे मुरादाबाद के सम्भल ग्राम में जन्म लेंगे। भगवान के जन्म के समय चन्द्रमा धनिष्ठा नक्षत्रा और कुंभ राशि में होगा। सूर्य तुला राशि में स्वाति नक्षत्रा में गोचर करेगा। गुरु स्वराशि धनु में और शनि अपनी उच्च राशि तुला में विराजमान होगा।

Kon honge kalki ke mata pita?

वह ब्राह्मण कुमार बहुत ही बलवान, बुद्धिमान और पराक्रमी होगा। पुराणों के अनुसार भगवान कल्कि उत्तरप्रदेश राज्य में गंगा एवं रामगंगा नदी के बीच बसे मुरादाबाद शहर में सम्भल ग्राम में जन्म लेंगे। भगवात पुराण के अनुसार कल्कि भगवान के पिता का नाम विष्णुदत्त तथा माता का नाम सुमति होगा. वे अपने माता पिता के पाँचवी सन्तान के रूप में जन्म लेंगे।

According to Vishnu Puran, which mythological object was not made by Vishwakarma from particle of Surya?

विश्वकर्मा को स्वयम्भू और दुनिया के निर्माता के रूप में माना जाता है। वह रचनात्मक के शक्ति देवता है जो ब्रह्मांड को बनाए रखते हैं और इसे ब्रह्मांड के मूल निर्माता दिव्य वास्तुकार अभियंता माना जाता है। इन्होने पवित्र शहर द्वारका का निर्माण किया जहां भगवान कृष्ण ने शासन किया। ऋग्वेद में विश्वकर्मा को दैवीय बढ़ई भी कहा जाता है क्योंकि वह देवताओं के लिए कई असाधारण हथियारों के निर्माता थे। देवी देवताओं के कोई भी भवन या औज़ारों का निर्माण इन्ही के द्वारा किया जाता था

 vishnu puran in pdf

 Vishnu puran ke mutabik, vishvakarma dvara sury ke kan se kaun sa pauranik vastu  nahi banai gai thi?

परन्तु एक ऐसा दिव्य औज़ार वेदों और पुराणों में मिलता है जो विश्वकर्मा द्वारा नहीं बनाया गया वह था इंद्र का वज्र जो ऋषि दधीचि के हड्डियों से बना था।

Why is Vishnu called Hari?

हरी शब्द का शाब्दिक अर्थ

जो दुसरो की पीड़ा को हर ले

बन्दर का मुख और चोर

अब आप यहाँ ये सोच रहे होंगे भगवान् को चोर क्यों कहा गया है वह इसलिए कहा गया है क्योंकि हरी जो दुसरो की नकारात्मक भाव की चोरी कर लेते है और उनमे सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

Vishnu ko hari kyon kaha jaata hai?

पालनहार भगवान विष्णु के सबसे बड़े भक्त नारद मुनि उन्हें नारायण कहकर ही बुलाते हैं। इसके अलावा उन्हें अनन्तनरायण, लक्ष्मीनारायण, शेषनारायण इन सभी नामों से भी बुलाया जाता रहा है। पर मूल बात यह है कि इन सभी नामों में नारायण जुड़ा रहा है सामन्यतः भगवान विष्णु सभी को मुक्ति प्रदान करते हैं। इस माया युक्त संसार से मुक्त कर के नित्यमुक्त कर देते हैं और अनंत आनद की प्रेमानुभूति करा देते हैं इसिलए उन्हें हरी कहा जाता है।

 vishnu puran in pdf

How many Puranas are there?

भारतीय धर्म शास्त्र में(vishnu puran in pdf)पुराण 18 हैं जिन्हें दो भागों में पृथक-पृथक किया गया है

महापुराण और उपपुराण

महापुराण तीन भागों में बाँटे गए हैं –

सात्विक पुराण – सात्विक पुराणों का सम्बन्ध विष्णु से है.

राजस पुराण – राजस पुराणों का ब्रह्मा से है और

तामस पुराण – तामस पुराणों का सम्बन्ध शिव से है.

puran kitane hai?

18 महापुराण जो निम्न हैं-

सात्विक महापुराण

  1. विष्णुpurana
  2. भागवतpurana
  3. नारदpurana
  4. गरुड़ पुराण
  5. पदम पुराण
  6. वराह पुराण

राजस पुराण

  1. ब्रह्म पुराण
  2. ब्रह्मांड पुराण
  3. ब्रह्मवैवर्त पुराण
  4. मार्कण्डेयपुराण
  5. भविष्य पुराण
  6. वामन पुराण

तामस पुराण

  1. वायु पुराण
  2. लिंग पुराण
  3. स्कन्द पुराण
  4. अग्निपुराण
  5. मत्स्यपुराण
  6. कूर्मपुराण

 vishnu puran in pdf

Uppuran kitne hain ?

गरुड़ पुराण के आधार पर उपपुराणों की जो सूची दी है वह है –(vishnu puran in pdf)

  1. सनत्कुमार
  2. नरसिंह
  3. कपिल
  4. कालिका
  5. साम्ब
  6. पराशर
  7. महेश्वर
  8. सौर
  9. नारदीय
  10. शिव
  11. दुर्वासा
  12. मानव
  13. अनुशासन
  14. वरुण
  15. भसिष्ठा
  16. देवी-भागवत
  17. नंदी
  18. आदित्य

 Bhagavan vishnu ne kyon liya narasingh avatar?

भगवान् विष्णु का दसवां अवतार नरसिंघ अवतार के नाम से जाना जाता है। नरसिंघ का मतलब होता है नर और सिंह का अवतार। नरसिंफ आधे मानव और आधे सिंह रूप में प्रकट हुए थे इनके चेहरे एवम पंजे सिंह की तरह थे।

Does Narasimha Avatara occur in Vishnu Purana?

भक्त प्रह्लाद की रक्षा करने हेतु भगवान् विष्णु ने नरसिंघ का अवतार लिया था तथा प्रह्लाद की सेवा भक्ति से प्रसन्न होकर वरदान दिया कि आज के दिन जो लोग मेरा व्रत करेंगे, वे पाप से मुक्त होकर मेरे परमधाम को प्राप्त होंगे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *