Vastu-Shastra

Vastu Shastra -वास्तु शस्त्र क्या है और उसका हमारे जीवन में क्या प्रभाव पड़ता है ? Leave a comment


वास्तु शस्त्र क्या है? Vastu Shastra Kya hai ?

vastu Shastra  आधुनिक युग में घर के निमार्ण के समय बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । माना जाता है। की यदि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर बनवाया जाए ।तो ये हमे दुःख , दरिद्रता बीमारियों आदि से दूर रखता है । और घर में हमेशा खुशिया बनी रहती है । चलिए दोस्तों पहले बात करते है वास्तु होता क्या है ।


वास्तु का शाब्दिक अर्थ होता है। विद्यमान अर्थात जो हर जगह निवास करे । निवास करने वाली स्थान को बनाने और सवारने के लिए बनाये गए स्थान को ही विज्ञानं को ही वास्तुशास्त्र कहा गया है । वास्तु शास्त्र के सिद्धांत 8 दिशाओं और पांच महाभूतों आकाश , धरती,वायु,जल ,अग्नि आदि । इन सब के मेल से एक ऐसी निवास स्थान बनता है । जिससे वह सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है । अगर साधारण भाषा में वास्तु को समझा जाए । तो जब मनुष्य के रहने के स्थान पर किसी तत्व में कमी आती है तो उसका जीवन कष्टकारी हो जाता है ।

Vastu Shastra In Hindi

 

vastu Shastra  in hindi  ये सुनिचित करता है की आपका घर 8 दिशाओं और पांचो तत्वों से मिलकर बना हो । ताकि आपके जीवन में कोई कमी ना आये । किसी भी घर के निर्माण के लिए वास्तु शास्त्र में अलग अलग नियम बताये गए है । अगर आप उन नियमो के अनुसार घर बनवाते हो तो आपको कभी भी दुःख , कष्ट नहीं होगा ।


vastu-shastra


Vastu Shastra ki Niyam

  • अगर आप अपना घर वास्तु के अनुसार बना रहे है तो याद रखे की जितने भी दरवाजे और खिड़किया है उन्हें उत्तर दिशा की और ही रखे ।
  • आपके घर का जो भी मुखिया दरवाजा हो,वो उत्तर की और ही खुले तो अच्छा होगा ।
  • वास्तु के अनुसार घर का शौचालय कभी भी दक्षिण दिशा की और न रखे । क्युकी ये स्थान धन का होता है ।
  • वास्तु शास्त्र के नियम के अनुसार घर का शौचालय और रसोई घर पश्चिम दिशा की और होना चाहिए ।
  • दक्षिण दिशा में हनुमान जी की मूर्ति रखे अगर आपका घर दक्षिण की और है ।
  • घर के बीचोबीच कोई भी भरी वस्तु ना रखे ।
  • सिर्फ घर में ही नहीं बल्कि घर के हर एक कमरे और दरवाजे में वास्तु शास्त्र का प्रयोग किया जाता है|
  • वास्तु के अनुसार घर की लम्बाई और चौड़ाई बराबर होनी चाहिए|
  • घर के मालिक का कमरा दक्षिण -पश्चिम दिशा में होनी चाहिए|

Vastu Upay

  • Vastu Shastra के अनुसार दुकान या शोरुम का मुख्य दरवाजा यदि पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ हो तो यह व्यापार के लिए लाभकारी माना जाता है। यदि पूर्व या उत्तर की ओर द्वारा बनाना सम्भव ना हो तो, दुकान का मुख पश्चिम की तरफ भी किया जा सकता है।
  • दुकान के अंदर बिक्री का सामान रखने के लिए सैल्फ, अलमारियां, शोकेस और कैश काउंटर दक्षिण और पश्चिम दिशा में बनाना अच्छा माना जाता है।
  • दुकान के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में मंदिर या इष्टदेव की फोटो को लगाया जा सकता है। इसके अलावा इस हिस्से में पीने का पानी भी रखा जा सकता है।
  • Vastu Shastraके मुताबिक बिजली के उपकरणों को रखने या स्विच बोर्ड लगाने के लिए दुकान का दक्षिण-पूर्व हिस्सा उचित माना जाता है।
  • दुकान के काउंटर पर खड़े विक्रेता का मुंह पूर्व या उत्तर की ओर और ग्राहक का मुंह दक्षिण या पश्चिम की ओर होना बेहतर माना जाता है।
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार शोरुम या दुकान का कैशबाक्स हमेशा दक्षिण और पश्चिम दीवार के सहारे होना उपयुक्त माना जाता है।
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार दुकान के मालिक या मैनेजर को दुकान के दक्षिण-पश्चिम दिशा में बैठना चाहिए।
  • दुकान में कैश काउंटर, मालिक या मैनेजर के स्थान के ऊपर कोई बीना ना हो तो, यह वास्तु शास्त्र की दृष्टि से अच्छा समझा जाता है।

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