Sundarkand path-आज रात सोने से पहले पढ ले सुन्दरकाण्ड पाठ होगी हर मनोकामना पूरी Leave a comment


Sunderkand – सुन्दरकाण्ड

Sunderkand paath -हनुमान जी की शक्ति और भक्ति का सीधा रास्ता है. अगर आप भगवान हनुमान जी के भक्त है और आप हनुमान जी की शक्ति और भक्ति पाना चाहते है तो इससे अच्छा मौका आपको फिर कभी नही मिलेगा क्यों की आज हम आपको कुछ ऐसा बताने जा रहे है जिसे जानने के बाद हनुमान जी आपकी भक्ति से प्रश्न हो कर आपकी हर मनोकामना पूरी करेगे|


आपने sunderkand paath के बारे में जरुर सुना होगा और आप लोग उसके फायदे भी जानते होगे लेकिन आखिर यह क्यों किया जाता है और इसको करने के क्या फायदे होते है इसके बारे में किसी को नही पता होगा | आइये जानते है sundar kand पाठ क्यों किया जाता है और कैसे करना चाहिए |

Benefits of Sunderkand paath – सुन्दरकाण्ड के फायदे

Sundarkaand paath के बहुत फायदे होते है और इससे करने से लाभ की भी प्राप्ति होती है| हनुमान जी के भक्त हनुमान जी को प्रसन करने के लिए हनुमान चालीसा और सुन्दरकाण्ड का पाठ करते है|


माना जाता है की हनुमान जी का कोई भी पाठ या पूजा हर मंत्र और पूजा से महान माना जाता है| हनुमान जी अपने भक्तो को उनकी भक्ति द्वारा फल देते है| लेकिन अगर कोई भी व्यक्ति हनुमान चालीसा के आलावा सुंदरकांड पाठ का पाठ करता है तो उससे अधिक लाभ की प्राप्ति होती है|

हिन्दू धर्म की प्रसिद्ध मान्यता के अनुसार सुंदरकांड का पाठ करने वाले भक्त की मनोकामना जल्द पूर्ण हो जाती है। यह पाठ हर व्यक्ति चाहे बच्चा हो या बड़े-बूढ़ों को भी करना चाइये| ऐसा करने से घर में सुख शांति बनी रहेती है|

Hanuman paath ke labh – हनुमान पाठ के लाभ

जो व्यक्ति या मनुष्य Sundarkand  का पाठ करता है, हनुमान जी उन्हें बल प्रदान करते हैं। जिस सफलता के लिए वो इतनी मेहनत और प्रयास करता है वो उसे आसानी से प्राप्त हो जाती है क्यों की उसके आसपास की नकारात्मक शक्ति उसे दूर हो जाती है और वो हनुमान जी की शक्ति को प्राप्त कर लेता है|

यह भी माना जाता है कि जब भक्त का आत्मविश्वास कम हो जाता है या जीवन में कोई काम ना बन रहा हो तो सुंदरकांड का पाठ करने से सभी काम अपने आप ही बनने लगते हैं। अगर आपको रात को डर लगता है और बुरे सपने आते हैं तो आपको सुंदरकांड पाठ करना चाहिए जिस तरह से हनुमान चालिसा का पाठ करने से मन के भय से मुक्ति मिलती है। ठीक उसी तरह से सुंदरकांड का पाठ करने से मन के भय से मुक्ति मिलती है।


Sunderkand in hindi – सुंदरकांड का पाठ क्यों?

sundarakanda हनुमान जी को खुश करने के लिए किया जाता है और सही नियमो के साथ हनुमान जी के सुन्दरकाण्ड का पाठ आस्था और विश्वास के साथ करना होता है|

इस लिए आज हम आपको इसको करने का सही तरीका बताने जा रहे है –

पाठ करते समय शांति से और ध्यान लगा कर करना होता है| इस पाठ को मंगलवार और शनिवार को करना और भी फायदेमंद माना जाता है।

आप अगर सुन्दरकाण्ड पाठ रोज करते है तो इससे अच्चा फायदा आपको कही नही मिल सकता | इस पाठ को विधि के साथ और नियमो से करना होता है|

किसी व्यक्ति के जीवन में ज्यादा परेशानियां हो, कोई काम नहीं बन पा रहा हो या फिर आत्मविश्वास की कमी हो या कोई और समस्या हो, सुंदरकांड के पाठ से शुभ फल प्राप्त होने लग जाते हैं।

Sunderkand pdf

माना जाता है जो व्यक्ति सुंदरकांड पाठ पढता है उससे हनुमान जी प्रसन्न होते हैं। सुंदरकांड के पाठ पढने से बजरंगबली की कृपा बहुत ही जल्द प्राप्त हो जाती है।

जो लोग नियमित रूप से सुंदरकांड का पाठ करते हैं| उनके कभी कोई दुख नही आता| सुंदरकांड एकमात्र ऐसा अध्याय है जो श्रीराम के भक्त हनुमान की विजय का है।

जिस बच्चे को सफलता प्राप्त नही हो रही उससे नियमित रूप से सुन्दरकाण्ड का पाठ हर रोज करना चाइये| यहां तक कि यह भी कहा जाता है कि जब घर पर रामायण पाठ रखा जाए तो उस पूर्ण पाठ में से Sundarkand का पाठ घर के किसी सदस्य को ही करना चाहिए। इससे घर से नकारात्मक शक्ति बाहर निकल जाती है।

अगर आप पर बहुत सारा कर्ज हो गया है तो आपको Sundarkand paath करना चाहिए। सुंदरकांड का पाठ कर्ज से मुक्ति दिलाता है।

Sundar kand ramayan – सुन्दरकाण्ड रामायण

Sundarkand श्री हनुमान जी का पाठ है। जो भी व्यक्ति सुन्दर कांड पाठ करे वो सबसे पहले अपने मन में यह बात बैठा ले की मन में विश्वास का होना बहुत जरुरी है और हनुमान जी से प्राथना करे की जैसे उन्होंने श्री राम जी के सब काज संवारे हमारे भी सब कष्ट को दूर करे|

फिर सुंदरकांड का पाठ करने से पहले भक्त स्नान करके स्वच्‍छ वस्त्र धारण करें। हनुमानजी और श्री राम की फोटो  पर पुष्प माला चढ़ाए| पाठ खत्म होने के बाद श्री हनुमान आरती और श्री राम जी आरती करे और पाठ में भाग लेने वालो को आरती और प्रसाद दे| Sundarkand  प्रारम्भ करने के पहले हनुमानजी व् राम चन्द्र जी का आवाहन जरूर करें।

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