Shree shani chalisa

Shani chalisa- (how to chant shani chalisa) Leave a comment

Shree shani chalisa- (Kon hain shani dev?)

 शनि देव जिनके सिर पर स्वर्णमुकुट, गले में माला तथा शरीर पर नीले रंग के वस्त्र और शरीर भी इंद्रनीलमणि के समान। Shani chalisa शनि देव को खुश करने का महा मंत्र है।  शनि देव गिद्ध पर सवार रहते हैं। इनके हाथों में धनुष, बाण, त्रिशूल रहते हैं।


शनि देव इस कली काल में न्यायप्रिय देवता हैं। जो इस सांसारिक भोग विलासिताओं में पड़े हुए मनुष्यों को परमतत्व की ऒर अग्रसरित करते हैं।

उनका क्रोध ओर उनकी कुदृष्टि जो की अदृश्य रूप में सभी मनुष्य पर पड़ती है, बहुत ही शुभ और कल्याणकारी होती है।


शनि देव मानवजाती को सांसारिकता से परमतत्व की ओर अग्रसरित करने में बहुत ही बड़ा योगदान देते हैं। जिससे हम सभी अनभिज्ञ रहते हैं।

Shani Chalisa ki puja kyu kare?

जो भी मनुष्य इस संसार के नियमों का उलंघन करता है तो उसे शनि देव के न्याय के अनुसार कार्य करना पड़ता है। जब समाज में कोई व्यक्ति अपराध करता है तो शनि के आदेश के तहत राहु और केतु उसे दंड देने के लिए सक्रिय हो जाते हैं।

शनि की कोर्ट में दंड पहले दिया जाता है, बाद में मुकदमा इस बात के लिए चलता है कि आगे यदि इस व्यक्ति के चाल-चलन ठीक रहे तो दंड की अवधि बीतने के बाद इसे फिर से खुशहाल कर दिया जाए या नहीं। दंड को काम करने हेतु  शनिचालीसा  का पाठ करें

Shree shani chalisa


Shani dev nyaay ke devta

शनि को पसंद नहीं है की कोई जुआ-सट्टा खेलना, शराब पीना, ब्याजखोरी करना, परस्त्री गमन करना, अप्राकृतिक रूप से संभोग करना, झूठी गवाही देना, निर्दोष लोगों को सताना। 

यदि कोई करता है तो उसे दंड का भागी बनना पड़ेगा और शनि देव का दंड बहुत ही कठोर होता है। कठोर दंड से बचने और दंड को कम करने हेतु शनि चालीसा का पाठ किया जाता है।

Shree Shani Dev chalisa

Shree shani chalisa का निरंतर पाठ करने से मन शांत होता है। गलत प्रवृतियों से मन दूर होने लगता है। मनुष्य कर्मनिष्ठ ओर निष्कामता की ओर बढ़ता रहता है।

उसका मन निष्कामता की ओर जाता है और दिन पर दिन उसकी तरक्की होने लगती है। शुभता का आगमन होने लगता है।

Shree shani chalisa

shani chalisa ka path kaise kare 

(How To chant shani chalisa?) शनिवार को शाम को स्नान करने के बाद हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार शनि के मंदिर में शनि देव चलीसा को पढ़ते हैं।

सबसे पहले शनि देव को प्रसाद चढ़ाया जाता हैं। आचमन के लिए पानी चढ़ाया जाता हैं। फिर नमस्कार करते हैं। शनि देव चलीसा को पढ़ने के बाद शनि देव को सरसो तेल प्रदान करें।

Shani chalisa in hindi (shani chalisa lyrics)

Shani dv ki chalisa hindi mein sunne hetu nimn link par click karen 

Shree shani chalisa mp3

Source: Shemaroo Divine India

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *