shiva aahvaan mantra|shiva aahvaan mantra pdf Leave a comment

shiva aahvaan mantra

शिववहनमंत्र मंत्र(shiva aahvaan mantra) है। जो विभिन्न नामों से lord Shiva की पूजा करते है।उन्हें मदद के लिए बुलाया जाता है। इस मंत्र में हम शिव से अनुरोध करते हैं कि मृत्युनाशम करोतु कहकर हमें फिर से मौत की रक्षा करें। महादेव को  मित्युनंजय या महाकाल कहते है।वे जन्म और मृत्यु के परे हैं। वे समय से परे हैं वे मौत से हमको बचा रहे हैं। भक्त जो अपने मंत्रों का जप करते हैं। उन्हें किसी भी चीज का डर नहीं है वे हमें किसी भी समस्या से बचाने आते हैं।


mahadev stotra

जैसा की हम जानते है देवो के देव महादेव कहे जाने वाले महादेव।अगर हम उनको प्रसन्न कर दे तो उनको मनवांछित फल प्रदान होता है।भगवन महादेव के बहुत सरे रूप है।महादेव हर रूप मे पूज्यनीय है।ज्ञान बल इच्छा और क्रिया-शक्ति में भगवान महादेव की तुलना मे कोई नहीं है। महदेव को सवर्ज्ञ कहा जाता है।सृष्टि की वृद्धि के लिए शिव ने ब्रह्माजी को मैथुनी क्रिया प्रयुक्त करने हेतु अपने दो भागों- पुरुष-नारी रूप व्यक्त किये इसी कारण अर्द्धनारीश्वर रूप मे प्रसिद्ध हुए।



महादेव को देवो का देव महादेव इसलिए कहा जाता है।सरे देवता हर मन जाते है।उस समय शिव जी आते है। हमें हर संकट से निकलने के लिए महादेव को खुश करेने और उनकी की आराधना का मूल मंत्र तो ऊं नम: शिवाय बताया गया है।इस मंत्र के अतिरिक्त कुछ मंत्र हैं जिस से महादेव प्रसन होते है महादेव।यह मंत्र महादेव को प्रिय हैं।

shiva aahvaan mantra Lyrics in English

 

Om mrityunjay pareshaan jagadaabhayanaashan Tav dhyaanen devesh mrityupraapnoti jeevati Vande ishaan devaay namastasmai pinakine Aadimadhyaant rupaay mrityunaasham karotu me Namastasmai bhagwate kailasachal vaasine Namobrahmendra rupaay mrityunaasham karotu me Trayambakaya namastubhyam panchasyaay namo namah Namo dordandachaapaay mam mrityum vinaashay Namordhendu swarupaay Namo digvasanaay cha Namo Bhaktarti hantre cha mam mrityum vinaashay Devam mrituvinaashanam bhayaharam saamrajya mukti pradam Nana bhutagananvitam divi padaih devaih sada sevitam Agyaanaandhakanaashanam shubhkaram vidhyaasu saukhya pradam Sarv sarvapati maheshwara haram mrityunjay bhaavaye

shiva aahvaan mantraLyrics hindi

शिव आह्वाहन मंत्र ॐ मृत्युंजय परेशान जगदाभयनाशन । तव ध्यानेन देवेश मृत्युप्राप्नोति जीवती ।। वन्दे ईशान देवाय नमस्तस्मै पिनाकिने । आदिमध्यांत रूपाय मृत्युनाशं करोतु मे ।। नमस्तस्मै भगवते कैलासाचल वासिने । नमोब्रह्मेन्द्र रूपाय मृत्युनाशं करोतु मे ।। त्र्यंबकाय नमस्तुभ्यं पंचस्याय नमोनमः । नमो दोर्दण्डचापाय मम मृत्युम् विनाशय ।। नमोर्धेन्दु स्वरूपाय नमो दिग्वसनाय च । नमो भक्तार्ति हन्त्रे च मम मृत्युं विनाशय ।। देवं मृत्युविनाशनं भयहरं साम्राज्य मुक्ति प्रदम् । नाना भूतगणान्वितं दिवि पदैः देवैः सदा सेवितम् ।। अज्ञानान्धकनाशनं शुभकरं विध्यासु सौख्य प्रदम् । सर्व सर्वपति महेश्वर हरं मृत्युंजय भावये ।।

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