ram stuti

आज बोलें यह Ram Stuti ..घर, दफ्तर व कारोबार के सारे काम होंगे सफल Leave a comment

Shri Ramchandra kripalu bhajman

यह तो शाश्वत सत्य है की भगवान श्री Ram Stuti करने से तो उनकी कृपा का प्रसाद तो मिलती ही है।
परन्तु साथ ही साथ उनके परम भक्त हनुमान जी का आशीर्वाद भी हम को मिलता है।
राम नाम का जाप और उनकी स्तुति इस कलियुग के की तो एक वरदान ही है।
कलियुग में न तो कोई जप न कोई तप। बस आवश्यकता है तो श्रद्धा भक्ति से राम नाम के जाप की।


कृष्ण कृष्ण हर कोई कहै ठग ठाकुर और चोर
बिनू प्रेम रीझे नहीं ये नटखट तुलसी नंद किशोर..

Shri Ram stuti

कलियुग केवल नाम अधारा !
सुमिर सुमिर नर उताराहि ही पारा!!

बस राम नाम का जाप ही आपको इस संसार रुपी भवसागर से पार उतरेगा.

shri ram stuti
shri ram stuti

श्री राम स्तुति: श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन!

श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।1।।
कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।
पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।2।। (Ram Stuti)


Sri ramachandra kripalu lyrics

भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।3।।
सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।4।।

इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।5।। (Ram Stuti)

छंद :
मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।
करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।1।।
एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।
तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।2।।

।।सोरठा।।
जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।
मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।। (Ram Stuti)

Ram Stuti In English

॥ Doha ॥
Shri Ramachandra Kripalu Bhajuman, Harana Bhavabhaya Daarunam।
Navakanja Lochana Kanja Mukhakara, Kanja Pada Kanjaarunam॥1॥
Kandarpa Aganita Amita Chhav Nava, Neela Neerara Sundaram।
Patapita Maanahum Tadita Ruchi Shuchi ,Navmi Janaka Sutaavaram॥2॥
Bhaju Deena Bandhu Dinesh Daanav, Daityavansha Nikandanam। (Ram Stuti)

Raghunanda Aananda Kanda Kaushala, Chanda Dasharatha Nandanam॥3॥
Sira Mukuta Kundala Tilaka Chaaru, Udaaru Anga Vibhooshanam।
Aajaanu Bhuja Shara Chaapadhara, Sangraama-jita-khara Dooshanam॥4॥
Iti Vadati Tulsidas Shankar, Shesha Muni Manaranjanam।
Mama Hridayakanja Nivaas Kuru, Kaamaadi Khaladal Ganjanam॥5॥ (Ram Stuti)

Manu Jaahin Raacheu Milihi so Baru , Sahaja Sundara Saanvaro।
Karuna Nidhaan Sujaan Seelu, Sanehu Jaanat Raavaro॥6॥
Ehi Bhaanti Gauri Asees Suni Siya, Sahita Hiyan Harashi Ali।
Tulsi Bhavaanihi Pooji Puni Puni, Mudit Man Mandir Chalee॥7॥ (Ram Stuti)
॥ Sortha ॥
Jaani Gauri Anukool, Siya Hiya Harashu Na Jaaye Kaheen।
Manjula Mangala Moola , Baam Anga Pharkana Lage।

ram raksha stotra
ram raksha stotra

Ram stuti meaning in hindi

अरे मन, तू कृपा करने वाले श्रीराम का भजन करो जो कष्टदायक जन्म-मरण के भय का नाश करने वाले हैं,
जो नवीन कमल के समान आँखों वाले हैं, जिनका मुख कमल के समान है, जिनके हाथ कमल के समान हैं,
जिनके चरण रक्तिम (लाल) आभा वाले कमल के समान हैं॥१॥
अनगिनत कामदेवों के समान तेजस्वी छवि वाले हैं, नवीन नील मेघ के समान सुन्दर हैं,
जिनका पीताम्बर सुन्दर विद्युत् के समान है, पवित्रता की साकार मूर्ति श्रीसीता जी के पति हैं॥२॥ (Ram Stuti)


Ram stuti in hindi

हे मन, दीनों के बन्धु, सूर्यवंशी, दानवों और दैत्यों के वंश का नाश करने वाले, रघु के वंशज, सघन आनंद रूप,
अयोध्याधिपति श्रीदशरथ के पुत्र श्रीराम को भजो ॥३॥
जिनके मस्तक पर मुकुट, कानों में कुंडल और माथे पर तिलक है, जिनके अंग प्रत्यंग सुन्दर, सुगठित और भूषण युक्त हैं,
जो घुटनों तक लम्बी भुजाओं वाले हैं, जो धनुष और बाण धारण करते हैं, जो संग्राम में खर और दूषण को जीतने वाले हैं॥४॥ (Ram Stuti)

Ram ji ki aarti

श्रीतुलसीदास जी कहते हैं, हे शंकर, शेष और मुनियों के मन को प्रसन्न करने वाले,
काम आदि दुर्गुणों के समूह का नाश करने वाले श्रीराम जी आप मेरे हृदय कमल में निवास कीजिये॥५॥
जो तुम्हारे मन को प्रिय हो गया है, वह स्वाभाविक रूप से सुन्दर सांवला वर ही तुमको मिलेगा।
वह करुणा की सीमा और सर्वज्ञ है और तुम्हारे शील और स्नेह को जानता है॥६॥ (Ram Stuti)

Ram ji ki aarti in hindi

इस प्रकार श्रीपार्वती जी का आशीर्वाद सुनकर श्री सीता जी सहित सभी सखियाँ प्रसन्न हृदय वाली हो गयीं।
श्रीतुलसीदास जी कहते हैं – श्रीपार्वती जी की बार बार पूजा करके श्रीसीता जी प्रसन्न मन से महल की ओर चलीं॥७॥
श्रीपार्वती जी को अनुकूल जान कर, श्रीसीता जी के ह्रदय की प्रसन्नता का कोई ओर-छोर  नहीं है।
सुन्दर और मंगलकारी लक्षणों की सूचना देने वाले उनके बाएं अंग फड़कने लगे॥८॥ (Ram Stuti)

sreeram ramachandran
sreeram ramachandran

प्रभु श्री राम के भक्तों के लिए श्री Ram Stuti

एक और भी राम स्तुति रामचरितमानस के अरण्यकाण्ड में मिलती है।
आप हर रोज देवालय में श्रीराम की गंध अक्षत फूल धूप दीप के साथ इस रामस्तुति का पाठ करें।

नमामि भक्त वत्सलं । कृपालु शील कोमलं ॥
भजामि ते पदांबुजं । अकामिनां स्वधामदं ॥
निकाम श्याम सुंदरं । भवाम्बुनाथ मंदरं ॥
प्रफुल्ल कंज लोचनं । मदादि दोष मोचनं ॥ (Ram Stuti)

Sreeram ramachandran

प्रलंब बाहु विक्रमं । प्रभोऽप्रमेय वैभवं ॥
निषंग चाप सायकं । धरं त्रिलोक नायकं ॥
दिनेश वंश मंडनं । महेश चाप खंडनं ॥
मुनींद्र संत रंजनं । सुरारि वृंद भंजनं ॥ (Ram Stuti)

मनोज वैरि वंदितं । अजादि देव सेवितं ॥
विशुद्ध बोध विग्रहं । समस्त दूषणापहं ॥
नमामि इंदिरा पतिं । सुखाकरं सतां गतिं ॥
भजे सशक्ति सानुजं । शची पतिं प्रियानुजं ॥ (Ram Stuti)

Shri ramchandra kripalu lyrics

त्वदंघ्रि मूल ये नराः । भजंति हीन मत्सरा ॥
पतंति नो भवार्णवे । वितर्क वीचि संकुले ॥
विविक्त वासिनः सदा । भजंति मुक्तये मुदा ॥
निरस्य इंद्रियादिकं । प्रयांति ते गतिं स्वकं ॥ (Ram Stuti)

तमेकमभ्दुतं प्रभुं । निरीहमीश्वरं विभुं ॥
जगद्गुरुं च शाश्वतं । तुरीयमेव केवलं ॥
भजामि भाव वल्लभं । कुयोगिनां सुदुर्लभं ॥
स्वभक्त कल्प पादपं । समं सुसेव्यमन्वहं ॥ (Ram Stuti)

अनूप रूप भूपतिं । नतोऽहमुर्विजा पतिं ॥
प्रसीद मे नमामि ते । पदाब्ज भक्ति देहि मे ॥
पठंति ये स्तवं इदं । नरादरेण ते पदं ॥
व्रजंति नात्र संशयं । त्वदीय भक्ति संयुता ॥(Ram Stuti)

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