Radha Rani

Radha Rani- |Krishna ke baad Radha ka kya hua| 2


Radha Rani

राधा रानी (Radha Rani)ब्रजभानु दुलारी हैं जो बरसाने में अवतरित हुईं थी। श्री राधा वह महा भाव है, जिनकी प्रेम अनुकम्पा से श्री कृष्ण रस तत्त्व की प्राप्ति होती है।  राधा रानी का जन्म इस सृष्टि में श्री कृष्ण भगवान् के साथ प्रेम भाव को मजबूत करने के लिए हुआ था। श्री कृष्ण और राधा रानी प्रेम की पराकाष्ठा हैं।


What is RadhaAshtami?

श्री राधा रानी जो भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को बरसाने में राधा जी का जन्म हुआ था। इस दिन को राधाष्टमी के नाम से मनाया जाता है। इस तिथि को श्री राधाजी का प्राकट्य हुआ था।

Kya hai RadhaAshtami?

श्री माँ राधा रानी जो श्री कृष्ण जी की आल्हादिनी शक्ति है, इस मर्त्य लोक में अवतरित हुई थीं। श्री राधा; भगवान श्री कृष्ण के प्राणों की अधिष्ठात्री देवी हैं, इसलिए भगवान इनके अधीन रहते हैं। एक आद्या शक्ति (प्रकृति) हैं दूसरे परम पुरुष भगवान् ।


Radha Rani

What was the relationship between Radha and Krishna?

Radha Rani और कृष्ण दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। जो हर समय नित्य वृन्दावन धाम में रास लीला करते हैं। राधा श्री कृष्ण की आल्हादिनी शक्ति हैं, जो कृष्ण के साथ इस मर्त्य लोक में अवतरित हुईं थी। राधा और कृष्ण दोनों अभेद्य आत्मा “अवांगमनसगोचर”, परब्रह्म-परमात्मा हैं।

Radha aur Krishna Ke madhya kya sambandh hai?

श्री राधा, कृष्ण की भक्ति का प्रकट रूप हैं।  राधा के आध्यात्मिक प्रेम (प्रीति) जो श्री कृष्ण की ‘भक्ति ‘ है। राधा-कृष्ण के सम्बन्ध की हर जगह गलत व्याख्या की गई है। जब श्री कृष्ण ने गोकुल को स्थायी रूप से छोड़ा तो वह केवल सात वर्ष के थे; इस प्रकार राधा के साथ उनका रिश्ता केवल उस अवधि के दौरान था, जब वह तीन से सात वर्ष के थे।

Radha Rani in hindi

श्री कृष्ण और राधा का प्रेम कोई शारीरिक प्रेम नहीं बल्कि, आत्मा से आत्मा का प्रेम था। दोनों का प्रेम समाधि (प्रेमसमाधि) में परिवर्तित हो जाता था। दोनों अपने असली महाशक्ति रूप एवं परम पुरुष परमात्मा के रूप में ही आत्म रमण करते थे।Radha Rani

 

Shri Krishna ne shri Radha se vivah kyon nahi kia?

गर्ग संहिता के अनुसार राधा और कृष्ण का विवाह बचपन में ही ब्रह्मा जी द्वारा संपन्न करा दिया गया था। जब बाबा नन्द कृष्ण को भांडीर नामक वन में ले गए थे, उस वक्त ललिता और विशाखा के सानिध्य में उनका विवाह संपन्न करा दिया था। यह ब्रह्मा जी को विदित था, की राधा कृष्ण तो परमपुरष परमात्मा और आद्यशक्ति भगवती हैं। उनके साथ किसी और का विवाह होना तो संभव ही नहीं था। श्री कृष्ण ने  इस सांसारिक कर्तव्यों को पूर्ण करने हेतु और अपने अवतार लीला को सिद्ध करने हेतु उन्होंने सांसारिक  रूप से राधा से विवाह नहीं किया, पर फिर भी उन्होंने १६१०८ रानियों के होते हुए भी राधा रानी को को सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया। (Krishna Images )

Why does Krishna not meet Radha after coming to Mathura?

पुराणों के अनुसार एक बहुत ही गोपनीय कथा यहाँ पर प्रस्तुत की जा रही है, आयन घोष (अभिमन्यु) का विवाह श्री माँ Radha Rani जी से हुआ था। आयन घोष ने बहुत तपस्या करके श्री विष्णु भगवान् को प्रसन्न किया और उनसे लक्ष्मी माँ को पत्नी के रूप में माँगा। माँ लक्ष्मी तो आद्या शक्ति है, उनके साथ कैसे किसी का विवाह हो सकता है, वो तो श्री विष्णुप्रिया-विष्णु भगवान् की पत्नी हैं। भगवान् अपने भक्त को कभी नाराज नहीं करते, उन्होंने उसे वरदान दिया परन्तु यह भी आश्वस्त किआ की तुम लक्ष्मी; जब राधा बन के आएँगी उनके साथ विवाह तो करोगे परन्तु उन्हें कभी छू नहीं सकोगे और तुम नपुंगसक रूप में जन्म लोगे। मनुष्य और ईश्वरत्व की मर्यादा को बनाये रखने के लिए उन्होंने यह लीला रचाई और कभी मथुरा नहीं लौटे परन्तु वो तो हमेशा राधा में और राधा उन पर ही वास करती हैं।

Radha Rani

Krishna had 16,108 wives, but he still loved Radha. Why didn’t Radhamarry someone else?

राधा कृष्ण तो एक आत्मा और  दो शरीर हैं। एक सुर है तो दूसरे उस सुर की राग रागिनी, एक प्यास है तो दूसरे उस प्यास को शांत करने वाले जल की बूँद हैं। श्री कृष्ण जब रामावतार में थे, तब जिस-जिस ने भी श्री राम को देख उनका संग प्राप्त करने की इच्छा  रखी। वो श्री कृष्ण अवतार में 16108  श्री कृष्ण की पत्निया बनी। यहाँ तक की पेड़ पौधे भी श्री कृष्ण की पत्नियां हुईं थी। जैसा की उपरोक्त पंक्तियों में दिया गया है, राधा रानी जी के विवाह आयन घोष से हो चूका था।

Kya Radhaji Krishna ji se badi hain?

श्री माँ Radha Rani, भगवान श्रीकृष्ण की “स्व-मोहिनी माया” हैं। श्री राधा और श्री कृष्ण तो हर समय हर घडी अपने में ही वास करते हैं। नित्य नवीन महारासरास लीला में प्रेम की प्रगाड़ता को विराम दे रहे हैं।


Radha Rani

Is Radha elder than Krishna?

श्री राधा जी तीन साल और 11 महीने, श्री कृष्ण जी से बड़ी थी।

kon se granth me likha hai ke Radha Krishna ko bhool gyee the?

आत्मा का कभी बिछोह हो सकता है? यहाँ दो, तो कोई हैं ही नहीं। दोनों नित्य निरंतर एक दूसरे में रमण करते रहते हैं। माँ राधा रानी और श्री कृष्ण तो एक ही हैं। एक परंपरमेश्वरी माँ भगवती हैं तथा दूसरे परमपुरुष भगवान् जो एक ही हैं। जैसे एक अग्नि और दूसरी अग्नि की दाहिका शक्ति, अतः यह कही नहीं लिखा गया है की श्री राधा रानी श्री कृष्ण को भूल गयीं।

RadhaKrishna ke prem se kya siksha milti hai?

राधा और कृष्ण का प्रेम तो आत्मिक प्रेम है। मायिक प्रेम नहीं उस प्रेम में मैं-पन का लेशमात्र भी आभास नहीं मिलता है। राधा और कृष्ण प्रेम की पराकाष्ठा हैं। जब एक साधक अपने साधना के पथ पर उच्चस्तर को प्राप्त कर लेता है तभी वह राधा और कृष्ण के प्रेम को थोड़ा बहुत समझने योग्य होता है। यह एक साधक की उच्च अवस्था का लक्षण है, राधा कृष्ण का प्रेम; संपर्पण, धैर्य तथा त्याग की शिक्षा  देता है।

Radha Rani

Radha Krishna all songs list?

आरती कुञ्ज बिहारी की,

बाजे रे मुरलिया बाजे,

बनवारी रे,

भज गोविन्दम,

ब्रिज के नंदलाला राधा के सांवरिया,

हाथी घोरा पालकी जय कन्हैया लाल की,

जय श्री कृष्ण- गोपाल मुरलिया वाले नन्दलाल मुरलिया वाले,

कमली श्याम दी कमली- जय श्री कृष्ण।

What happened to Radha after Krishna left her?

कृष्ण जब मथुरा जा रहे थे, तब उन्होंने श्री माँ Radha Rani  को वचन दिया की वह जल्द ही वापस आएंगे और अपनी वह बांसुरी श्री राधा को दे दी। परन्तु राधा कृष्ण का वह अध्याय वही पूर्ण हो गया था। दोनों अपनी अवतार लीला को सत्य रूप देने के लिए अपने-अपने कर्म क्षेत्र में आगे बढ़ गए। यहाँ पर यह प्रकाश में लाना बहुत ही आवश्यक है की, श्री माँ राधा का विवाह आयन घोष से हुआ। विवाह बंधन में बांध जाने के बाद भी वह श्री कृष्ण से उतना ही प्रेम करती थी जितना की पहले। अब तो यह प्रेम और भी प्रगार हो चला था।

Krishna ke baad Radha ka kya hua?

अब श्रीमती राधा माँ वृद्ध हो चली थी और मन में श्री कृष्ण से मिलने की चाह दिनों दिन उनके मन में अचानक एक आवेश रूप में घर करने लगी। एक रात वह चुपचाप अपने घर से निकल कर कृष्ण की खोज में द्वारिका को चल पड़ी।  परन्तु अभी भी श्री कृष्ण से मिलना इतना आसान नहीं था। अंततः श्री कृष्ण राधा जी को मिले फिर भी दोनों कुछ बोले ही नहीं।  दोनों एक दूसरे को देख कर मन ही मन इतने आनंदित हो गए की दोनों महासमाधि की स्थिति में पहुँच गए। दोनों को प्रेम समाधी लग गई।

Radha rani ke ant samay mein mile Shri Krishna

श्री राधा जी अब वृद्ध हो चली थी और उनको श्री कृष्ण ने राधा के अनुरोध पर उनको देविका के रूप में रखा। वह महल से संबंधित कार्यों को देखती जब भी मौका मिलता दूर से ही कृष्ण के दर्शन कर लेती। निकट होने पर भी न जाने राधा जी के मन में श्री कृष्ण से दूर जाने का भय दोबारा सताने लगा।

Shri Krishna ne Radha ko Kyon chor diya?

अंततः वह एक रात महल से निकल पड़ी। जाना कहा हैं यह कुछ नहिं पता, परन्तु श्री कृष्ण सब जानते थे। अब श्रीमती राधा जी के शरीर त्याग करने का समय निकट आ गया था। श्री कृष्ण उनके सम्मुख प्रकट हुए और उनको दर्शन दिए तथा श्रीमती Radha Rani  से वरदान मांगने को कहा परन्तु उन्होंने कुछ नहीं माँगा। राधा जी की एक ही इच्छा थी की वह अपनी मधुर बांसुरी दुबार बजाये। श्री कृष्ण ने वह बांसुरी दुबारा बजाईवहां पर श्री कृष्णा ने अनिम बार बांसुरी बजे थी, फिर तोड़ कर दूर फेक दी। अंततः राधा जी ने शरीर त्याग किया

Who is husband of Radha?

आयन घोष” (अभिमन्यु) श्री राधा रानी जी के पति नाम था ।

Radha Rani

Is Rukmini and Radhathe same?

पुराणों के अनुसार  श्रीकृष्ण के तत्व दर्शन में रुक्मिणी को देह और राधा को आत्मा माना गया है। श्री कृष्ण भगवान् राधा से आत्मा रूप से और रुक्मणि से देह रूप से जुड़े हुए थे। राधा और रुक्मणि की जो समानता भिन्नता की बात है, वह स्थूल रूप में अलग और शुक्ष्म रूप से अलग है।

Kya Radha aur rukmani dono ek hi the?

स्थूल रूप से हम देख ही रहे हैं वह राधा है तथा वह रुक्मिणी। जिनसे कृष्ण का विवाह हुआ था परन्तु शुक्ष्म रूम से तीनो एक ही हैं। श्रीमती Radha Rani  आत्मिक लक्ष्मी हैं और रुक्मणि जी दैहिक  लक्ष्मी हैं।

Why Radha married to Abhimanyu?

हाँ राधा का विवाह अभिमन्यु से हुआ। जिसका असली नाम आयन घोष था।

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