Mantra

Mantra जाप, आपको दिलाएगा हर बाधा से मुक्ति आजमा के तो देखिये! 3

What does mantra mean?

मंत्र का शाब्दिक अर्थ अगर हम देखें तो जिसका अर्थ होता है, ‘संचय’ शब्दों का संचय ही Mantra है।
शब्दों के संचय जिससे आप अपने ईष्ट को प्राप्त करते हैं। तथा आने वाली सभी विपरीत शक्तियों को दूर करते हैं।


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Mantra in hindi

मंत्र शब्द को अगर हम देखें तो यहाँ मंत्र शब्द में मन का तात्पर्य मन तथा मनन से होता है। और यहाँ त्र का अर्थ शक्ति तथा रक्षा से है।


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Is mantra chanting effective?

Mantra के जाप से व्यक्ति पूरे ब्रह्माण्ड से उसकी एकरूपता का ज्ञान प्राप्त करता है।
तथा आप आध्यात्मिक स्तर से देखें तो मंत्र के जाप से व्यक्ति का मनन भी रूक जाता है।
और मन का लय हो जाता है गायत्री में। और गायत्री का ॐ में।

Do mantras work?

मंत्र के जाप से व्यक्ति आपके मूलाधार चक्र से ऊपर बढ़ता हुआ परम स्थिति को प्राप्त कर जाता है।
यह स्थिति है जब एक साधक मात्र को सक्रिय कर लेता है।

Does the Gayatri mantra have powers?

गायत्री मंत्र के जाप से उत्साह एवं सकारात्मकता बढ़ती है। तथा त्वचा में चमक आती है। आपकी बुराइयों से मन दूर हो जाता है।
आपका धर्म और सेवा कार्यों में मन सदा लगता है। आपको पूर्वाभास होने लगता है।
आपके आशीर्वाद देने की शक्ति बढ़ती है। स्वप्न सिद्धि प्राप्त होती है। क्रोध शांत होता है।

What is the best mantra?

मंत्र में आप कोई भेद भाव की दृष्टि नहीं रख सकते। मंत्र जो भी हो सिद्ध हो जाने के बाद उसका ध्येय आत्मा का परमात्मा से मिलन कराना ही होता है।
मंत्र जो आपको शान्ति प्रदान करें।
Mantra

Is mantra chanting effective?

हाँ हम यहाँ यह कह सकते हैं की। जीवन में आये कष्ट से सम्बंधित मंत्र को जपना उस कष्ट के लिए लाभकारी हो सकता है।
परन्तु मंत्र में कोई उच्च अवस्था या निम्न अवस्था का नहीं हो सकता।

Gayatri mantra

ॐ भूर्भुवः स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥

Mahamrityunjay mantra

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌॥

Ganesh mantra

ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।। (Ganesh Gayatri mantra)

Tantrik Ganseh Mantra

ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरू गणेश।
ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति। करों दूर क्लेश।।

Ganesh Kuber Mantra

ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।
Mantra

Shani mantra

1-ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये शन्योरभिस्त्रवन्तु न:।
2-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:
3-मंत्र- ॐ ऐं ह्लीं श्रीशनैश्चराय नम:।
4-कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:।
सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।।
5-शनि का तंत्रोक्त मंत्र- ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:

vashikaran mantra

बिना गुरु दीक्षा के इस मंत्र का जाप न करें। और ध्यान रहें आप इस Mantra का गलत प्रयोग करें।
काला कलुआ चौंसठ वीर |
ताल भागी तोर |
जहाँ को भेजूं वहीं को जाये
माँस – मज्जा को शब्द बन जाये |
अपना मारा , आप दिखावे |
चलत बाण मारूं |
उलट मूठ मारूं |
मार मार कलुवा |
तेरी आस चार |
चौमुखा दीया |
मार बादी की छाती |
इतना काम मेरा न करे तो तुझे
माता का दूध पिया हराम |

Surya mantra

ॐ सूर्य आत्मा जगतस्तस्युषश्च
आदित्यस्य नमस्कारं ये कुर्वन्ति दिने दिने।
दीर्घमायुर्बलं वीर्यं व्याधि शोक विनाशनम्
सूर्य पादोदकं तीर्थ जठरे धारयाम्यहम्।।

Surya namaskar mantra

ॐ मित्राय नम:
ॐ रवये नम:
ॐ सूर्याय नम:
ॐ भानवे नम:
ॐ खगाय नम:
ॐ पूष्णे नम:
ॐ हिरण्यगर्भाय नम:
ॐ मरीचये नम:
ॐ आदित्याय नम:
ॐ सवित्रे नम:
ॐ अर्काय नम:
ॐ भास्कराय नम:
ॐ श्री सवितृ सूर्यनारायणाय नम:

आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीदमम् भास्कर।
दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तु ते।।
Mantra

Saraswati mantra

देवी सरस्वती का मूल
ॐ ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः।
माँ सरस्वती का संपूर्ण मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः।
परीक्षा हेतु मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वीणा पुस्तक धारिणीम् मम् भय निवारय निवारय अभयम् देहि देहि स्वाहा।
याद करने की क्षमता तीव्र करने के लिए
ऐं नमः भगवति वद वद वाग्देवि स्वाहा।
उच्च शिक्षा में सफलता हेतु
शारदा शारदाभौम्वदना। वदनाम्बुजे।
सर्वदा सर्वदास्माकमं सन्निधिमं सन्निधिमं क्रिया तू।
श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा।
ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः।
कला और साहित्य के क्षेत्र में सफलता हेतु
शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमां आद्यां जगद्व्यापिनीं
वीणा पुस्तक धारिणीं अभयदां जाड्यान्धकारापाहां|
हस्ते स्फाटिक मालीकां विदधतीं पद्मासने संस्थितां
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धि प्रदां शारदां||
सभी बाधाओं के निवारण हेतु
ऐं ह्रीं श्रीं अंतरिक्ष सरस्वती परम रक्षिणी
मम सर्व विघ्न बाधा निवारय निवारय स्वाहा।

laxmi mantra

रक्तचन्दनसम्मिश्रं पारिजातसमुद्भवम् |
मया दत्तं महालक्ष्मि चन्दनं प्रतिगृह्यताम् ||
ॐ महालक्ष्म्यै नमः रक्तचन्दनं समर्पयामि |
क्षीरसागरसम्भते दूर्वां स्वीकुरू सर्वदा ||
ॐ महालक्ष्म्यै नमः दूर्वां समर्पयामि |
अक्षताश्च सुरश्रेष्ठ कुंकुमाक्ताः सुशोभिताः |
मया निवेदिता भक्त्या गृहाण परमेश्वरि ||
ॐ महलक्ष्म्यै नमः | अक्षतान समर्पयामि ||

माल्यादीनि सुगन्धीनि मालत्यादीनि वै प्रभो |
ॐ मनसः काममाकूतिं वाचः सत्यमशीमहि |
ॐ महालक्ष्म्यै नमः | पुष्पमालां समर्पयामि ||
रत्नकंकणवैदूर्यमुक्ताहाअरादिकानि च |

सुप्रसन्नेन मनसा दत्तानि स्वीकुरूष्व भोः || ॐ
क्षुत्पिपासामलां ज्येष्ठामलक्ष्मीं नाशयाम्यहम् |
अभूतिमसमृद्धि च सर्वां न
दिव्याम्बरं नूतनं हि क्षौमं त्वतिमनोहरम् | दीयमानं मया देवि गृहाण जगदम्बिके ||
ॐ उपैतु मां देवसुखः कीर्तिश्च मणिना सह | प्रादुर्भूतोस्मि राष्ट्रेस्मिन कीर्तिमृद्धि ददातु मे ||
ॐ घृतं घृतपावानः पिबत वसां वसापावानः पिबतान्तरिक्षस्य हविरसि स्वाहा |
दिशः प्रदिश आदिशो विदिश उद्धिशो दिग्भ्यः स्वाहा || ॐ महालक्ष्म्यै नमः घृतस्नानं समर्पयामि |
मन्दाकिन्याः समानीतैर्हेमाम्भोरूहवासितैः | स्नानं कुरूष्व देवेशि सलिलैश्च सुगन्धिभिः ||
ॐ महालक्ष्म्यै नमः स्नानं समर्पयामि |
तप्तकाश्चनवर्णाभं मुक्तामणिविराजितम् | अमलं कमलं दिव्यमासनं प्रतिगृह्यताम् ||
ॐ अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनादप्रमोदिनीम् | श्रियं देवीमुपह्वये श्रीर्मा देवी जुषताम् ||
सर्वलोकस्य जननीं सर्वसौख्यप्रदायिनीम |
सर्वदेवमयीमीशां देवीमावाहयाम्यहम् ||
ॐ तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम् | यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम् ||
Mantra

Surya namaskar mantra

ॐ ध्येयः सदा सवितृमण्डल मध्यवर्ती
नारायणः सरसिजासन-सन्निविष्टः।
केयूरवान् मकर-कुण्डलवान् किरीटी
हारी हिरण्मय वपुर्धृत – शंख – चक्रः ॥
ॐ मित्राय नमः।
ॐ रवये नमः।
ॐ सूर्याय नमः।
ॐ भानवे नमः।
ॐ खगाय नमः।
ॐ पूष्णे नमः।
ॐ हिरण्यगर्भाय नमः।
ॐ मरीचये नमः।
ॐ आदित्याय नमः।
ॐ सवित्रे नमः।
ॐ अर्काय नमः।
ॐ भास्कराय नमः।
ॐ श्री सवितृसूर्यनारायणाय नमः।


Hanuman mantra

ॐ रूवीर्य समुद्भवाय नम:
ॐ शान्ताय नम:
ॐ तेजसे नम:
ॐ प्रसन्नात्मने नम:
ॐ शूराय नम:
श्री हनुमान मूल मंत्र:
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रं ह्रैं ह्रौं ह्रः॥
द्वादशाक्षर हनुमान मंत्र: हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्।
 अपार शक्ति हनुमान मंत्र
ॐ हनुमते नमः
ॐ वायु पुत्राय नमः
ॐ रुद्राय नमः
ॐ अजराय नमः
ॐ अमृत्यवे नमः
ॐ वीरवीराय नमः
ॐ वीराय नमः
ॐ निधिपतये नमः
ॐ वरदाय नमः
ॐ निरामयाय नमः
ॐ आरोग्यकर्त्रे नमः

 Durga mantra

सौभाग्य ,ऐश्वर्यआरोग्य, संपदा प्राप्ति एवं शत्रु भय मुक्ति हेतु
ऐश्वर्य यत्प्रसादेन सौभाग्य-आरोग्य सम्पदः।
शत्रु हानि परो मोक्षः स्तुयते सान किं जनै॥
 
आरोग्य, ऐश्वर्य, संपदा, सौभाग्य प्राप्ति एवं शत्रु भय मुक्ति हेतु
ऐश्वर्य यत्प्रसादेन सौभाग्य-आरोग्य सम्पदः।
शत्रु हानि परो मोक्षः स्तुयते सान किं जनै॥
 
विघ्ननाशक हेतु मंत्र
सर्वबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरी।
एवमेव त्याया कार्य मस्माद्वैरि विनाशनम्‌॥
 
आरोग्य एवं सौभाग्य प्राप्ति हेतु मंत्र
देहि सौभाग्यं आरोग्यं देहि में परमं सुखम्‌।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥
Mantra
 

Jeevan mantra

विपत्ति नाश हेतु मंत्र
शरणागतर्द‍िनार्त परित्राण पारायणे।
सर्व स्यार्ति हरे देवि नारायणि नमोऽतुते॥
 
सर्वकल्याण हेतु
सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके ।
शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुऽते॥
बाधा मुक्ति एवं धन-पुत्रादि प्राप्ति हेतु मंत्र
सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः।
मनुष्यों मत्प्रसादेन भव‍िष्यंति न संशय॥

Shiv mantra

समस्याओं के लिए अचूक मंत्र-
एकाक्षरी महामृत्युंजय मंत्र- हौं
त्रयक्षरी महामृत्युंजय मंत्र- ऊं जूं स:
चतुराक्षी महामृत्युंजय मंत्र- ऊं हौं जूं स:
दशाक्षरी महामृत्युंजय महामंत्र- ‘ऊं जूं स: माम पालय पालय

Shiv mantras

ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः
ॐ त्र्यम्‍बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्‍धनान्
मृत्‍योर्मुक्षीय मामृतात्
ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ !!
शिव प्रिय मंत्र
1 ॐ नमः शिवाय।
2 नमो नीलकण्ठाय।
3 ॐ पार्वतीपतये नमः।
4 ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।
5 ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा।
6 ऊर्ध्व भू फट्।
7 इं क्षं मं औं अं।
8 प्रौं ह्रीं ठः
Mantra

Kuber Mantra

विलक्षण कुबेर मंत्र इस प्रकार है- मंत्र- ॐ श्रीं, ॐ ह्रीं श्रीं, ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय: नम:।
श्री कुबेर अष्टाक्षर मंत्र- ॐ वैश्रवणाय स्वाहा:
कुबेर विलक्षण सिद्ध मंत्र-
मनुजवाह्य विमानवरस्थितं गुरुडरत्नानिभं निधिनाकम।
शिव संख युक्तादिवि भूषित वरगदे दध गतं भजतांदलम।।
श्री कुबेर षोडशाक्षर मंत्र- ॐ श्री ॐ ह्रीं श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नम:।
कुबेर प्राचीन दिव्य मंत्र- ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन धान्याधिपतये धनधान्या समृद्धिम् देहि दापय दापय स्वाहा।

 Rahu mantra

राहु बीज मंत्र
ऊँ ऎं ह्रीं राहवे नम:
राहु तांत्रिक मंत्र
ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:
राहु गायत्री मंत्र
ॐ नीलवर्णाय विद्महे सैंहिकेयाय धीमहि तन्नो राहुः प्रचोदयात् ।
राहु का वैदिक मंत्र
ऊँ कयानश्चित्र आभुवदूतीसदा वृध: सखा । कयाशश्चिष्ठया वृता
राहु का पौराणिक मंत्र
ऊँ अर्धकायं महावीर्य चन्द्रादित्यविमर्दनम । सिंहिकागर्भसंभूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम राहु शांति मंत्र

Baglamukhi mantra

मां बगलामुखी मंत्र
विनियोग-
अस्य: श्री ब्रह्मास्त्र-विद्या बगलामुख्या नारद ऋषये नम: शिरसि।
त्रिष्टुप् छन्दसे नमो मुखे। श्री बगलामुखी दैवतायै नमो ह्रदये।
ह्रीं बीजाय नमो गुह्ये। स्वाहा शक्तये नम: पाद्यो:।
ॐ नम: सर्वांगं श्री बगलामुखी देवता प्रसाद सिद्धयर्थ न्यासे विनियोग:।
आवाहन
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं बगलामुखी सर्वदृष्टानां मुखं स्तम्भिनि सकल मनोहारिणी अम्बिके इहागच्छ सन्निधि कुरू सर्वार्थ साधय साधय स्वाहा।
ध्यान
सौवर्णामनसंस्थितां त्रिनयनां पीतांशुकोल्लसिनीम्
हेमावांगरूचि शशांक मुकुटां सच्चम्पकस्रग्युताम्
हस्तैर्मुद़गर पाशवज्ररसना सम्बि भ्रति भूषणै
व्याप्तांगी बगलामुखी त्रिजगतां सस्तम्भिनौ चिन्तयेत्।
मंत्र
ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां
वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्ववां कीलय
बुद्धि विनाशय ह्रीं ओम् स्वाहा।

Vishnu mantra

लक्ष्मी विनायक मंत्र
दन्ताभये चक्र दरो दधानं,
कराग्रगस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
धृताब्जया लिंगितमब्धिपुत्रया
लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे।।
विष्णु के पंचरूप मंत्र
ॐ अं वासुदेवाय नम:
ॐ आं संकर्षणाय नम:
ॐ अं प्रद्युम्नाय नम:
ॐ अ: अनिरुद्धाय नम:
ॐ नारायणाय नम:
 
विष्णु मंत्र यह तुरंत असर देते हैं
ॐ ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान।
यस्य स्मरेण मात्रेण ह्रतं नष्टं च लभ्यते।।
सरल जाप
ॐ नमो नारायण। श्री मन नारायण नारायण हरि हरि।
धन-वैभव एवं संपन्नता मंत्र
ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि। ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।
शीघ्र फलदायी मंत्र 
श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे।
हे नाथ नारायण वासुदेवाय।।
ॐ नारायणाय विद्महे।
वासुदेवाeय धीमहि।
तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
ॐ विष्णवे नम:

Mahalaxmi mantra

Lakshmi Beej Mantra
ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः॥
श्री लक्ष्मी मंत्र
विष्णुप्रिये नमस्तुभ्यं जगद्धिते
अर्तिहंत्रि नमस्तुभ्यं समृद्धि कुरु में सदा
Mahalakshmi Mantra
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥
Lakshmi Gayatri Mantra
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
Mantra

Rashiyon ke anusar mantra Lakshmi mantra

मेष राशि-
ॐ ऐं क्लीं सौं:
वृषभ राशि-
ॐ ऐं क्लीं श्रीं
मिथुन राशि-
ॐ क्लीं ऐं सौं:
कर्क राशि-
ॐ ऐं क्लीं श्रीं
सिंह राशि-
ॐ ह्रीं श्रीं सौं:
कन्या राशि-
ॐ श्रीं ऐं सौं:
तुला राशि-
ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं
वृश्चिक राशि-
ॐ ऐं क्लीं सौं:
धनु राशि-
ॐ ह्रीं क्लीं सौं:
मकर राशि-
ॐ ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं सौं:
कुंभ राशि-
ॐ ह्रीं ऐं क्लीं श्रीं
मीन राशि-
ॐ ह्रीं क्लीं सौं:

Guru mantra

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:।
ॐ ऐं श्रीं बृहस्पतये नम:।
ॐ गुं गुरवे नम:।
ॐ बृं बृहस्पतये नम:।
ॐ क्लीं बृहस्पतये नम:।
देवगुरु बृहस्पति का यह मंत्र
जीवश्चाङ्गिर-गोत्रतोत्तरमुखो दीर्घोत्तरा संस्थित:
पीतोश्वत्थ-समिद्ध-सिन्धुजनिश्चापो थ मीनाधिप:।
सूर्येन्दु-क्षितिज-प्रियो बुध-सितौ शत्रूसमाश्चापरे
सप्ताङ्कद्विभव: शुभ: सुरुगुरु: कुर्यात् सदा मङ्गलम्।।

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