Maha Shivaratri Ki Mahima

Maha Shivaratri Ki Mahima | Shiv kya hain? Leave a comment

Maha shivaratri ki mahima

भगवान् शिव और माता पार्वती का विवाह होने के कारण इस दिन को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। Maha Shivaratri Ki Mahima अपरम्पार है। इस दिन भक्तो की हर एक मनोकामना पूर्ण होती है।


When is mahashivratri?

2019 में महा शिवरात्रि 4 मार्च (monday) को मनाई जायेगी।

Nishita Kaal Puja Time = 24:13 to 25:03
Duration = 0 Hours 49 Mins
On 5th, Maha Shivaratri Parana Time = 06:49 to 15:33

Maha Shivaratri Ki Mahima

Mahashivratri kab hai?

Ratri First Prahar Puja Time = 18:27 to 21:32
Second Prahar Puja Time = 21:32 to 24:38
Third Prahar Puja Time =  24:38 to 27:43
Ratri Fourth Prahar Puja Time =  27:43 to 30:49

What is the meaning of mahashivratri?

महाशिवरात्रि पर्व हिन्दू धर्म का सबसे महत्त्वपूर्ण एवम लोकप्रिय पर्व है। यह पर्व हिन्दू तिथि के हिसाब से फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी/चतुर्दशी को मनाया जाता है । हिन्दू पुराणों के अनुसार Maha Shivaratri Ki Mahima का बहुत ही फल है। इस दिन सृष्टि के आरंभ में मध्यरात्रि मे भगवान शिव ब्रह्मा से रुद्र के रूप में प्रकट हुए थे ।


What is the story behind mahashivratri?

महाशिवरात्रि के दिन जब माँ सती और भगवान् शिव का विवाह हुआ था। एक और कथा आती है इस दिन चन्द्रमा महामृत्युंजय मंत्र के कारण पुनः जीवित हुए थे।  इस दिन सभी लोग व्रत रखते हैं। शिवालय में जाकर शिवलिंग में जल अर्पित करते हैं।

Maha Shivaratri Ki Mahima

Why do we celebrate mahashivratri?

जो सन्यासी है योगी है उनका कहना है की भगवन शिव स्थिर हैं। सन्यासी योगि भगवान्  शिव को स्थिर रूप मानकर पूजा करते हैं।  उनका कहना प्रत्येक मास में चौदहवें दिन अमावस्या और पूर्णिमा होती है। एक दिन शिवरात्रि होती है।

How do we celebrate Maha Shivaratri?

शिव महापुराण के अनुसार Maha Shivaratri Ki Mahima बहुत ही अलौकिक है। भगवान् शिव जब तपस्या करते करते लुप्त हो चुके थे, तथा उस दिन भगवन स्थिर हुए थे। वह दिन महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है।


Maha Shivaratri Ki Mahima

Mahashivratri katha kya hai ?

कुछ विद्वानों का कहना है की भगवन शिव शिवरात्रि के दिन हर अमावस्या के एक दिन बाद और पूर्णिमा के एक दिन बाद बिंदु रूप में तपस्या करते करते दिखाई  देने लगे इसीलिए कुछ हम उनको बिंदु के रूप में भी पूजा करते हैं ।

Shiv kya hain?

जो आदि  हैं, अनंत हैं, वह शिव योगी महादेव हैं। भगवान् शिव आदि योगी महायोगी देवो के देव महादेव भक्तवत्सल हर भक्त के प्रिय हैं, वह शिव हैं।

शिव जिसका शाब्दिक अर्थ होता है, जो है ही नहीं । जो भूत भविष्य वर्तमान से परे, न जिसको सुख का आभास है, न ही दुःख का। जो शुन्य होते हुए भी अनंत है। जिसमे से सब जन्म लेते हैं और फिर उसमे ही लीन भी हो जाते हैं। Maha Shivaratri Ki Mahima वेदों और पुराणों के अनुसार बहुत ही लाभदायक है। ऐसे हैं हमारे भोले शिव।

What is difference between Shiv and Shankar?

जिसका शाब्दिक अर्थ होता है, जो है ही नहीं जो भूत भविष्य वर्तमान से परे। जिसको ना ही  सुख का आभास है, न ही दुःख का, जो शुन्य होते हुए भी अनंत है।जिसमे से सब जन्म लेते हैं और फिर उसमे ही लीन भी हो जाते हैं।

Maha Shivaratri Ki Mahima

Shiv aur shankar mein kya antar hai?

महादेव शंकर जो ब्रह्मा विष्णु की तरह ही शरीर धारण किये हुए होते हैं। यह भी शुष्म लोक में रहते हैं, जिसे शंकरपुरी के नाम से भी जाना जाता है। यह केवल महाविनाश का कार्य करते हैं

Kya hai Shiv aur Shankar mein bhed?

परमपिता परमात्मा शिव जिनका  न कोई अस्तित्व है, न ही कोई लोक ही है।

शिव चेतन ज्योति बिन्दु हैं। यह परम पिता परमात्मा हैं, शिव शुष्म लोक से भी परे ब्रह्मलोक जिसे मुक्तिधाम भी कहते हैं, वहां पर वास करते हैं।

Maha Shivaratri Ki Mahima बहुत ही मधुर है। इस दिन जो भी कन्या शिव का व्रत करती हैं, उन्हें मनवांछित वर की प्राप्ति होती है।

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