Lord Shani

Lord Shani- Kaise bache shani prakop se 2

Who is shani dev?

श्री शनि देव को सूर्य पुत्र और कर्म फल दाता भी कहा जाता है। Lord Shani का व्याख्यान पुराणों में प्राप्त होता है। लेकिन साथ ही साथ शनि देव को पितृ शत्रु भी माना जाता है।
शनि ग्रह के संबंध में अनेक भ्रांतियां हैं। इसिलए उन्हें अशुभ और दुख का कारक माना जाता है। पाश्चात्य ज्योतिषी भी उसे दुःख को देने वाला माना जाता है।
लेकिन शनि देव उतने अशुभ नहीं हैं जितने माने जाते हैं। इसलिए वह शत्रु नहीं मित्र है। मोक्ष देने वाला एकमात्र शनि ग्रह ही है।
सत्य तो यही है कि शनि प्रकृति में संतुलन करते हैं।


Shani dosh nivaran

आप शनि दोष निवारण या सारी समस्यों से मुक्ति के लिए शनि यन्त्र का पूजन करें.

Shani Yantra


Who is the wife of lord shani?

शनि देव हर प्राणी के साथ उचित न्याय करते हैं। जो लोग अनुचित विषमता और क्षमता को आश्रय देते हैं। उन्हीं को शनि देव केवल दंडित प्रताड़ित करते हैं।
Lord Shani की आठ पत्निया हैं। जिनके नाम जाप को हर शनिवार को करना चाहिए ध्वजिनी

Shani dev ki patni

धामिनी, कंकाली, कलहप्रिया, कंटकी, तुरंगी, महिषी, अजा

How to please lord shani dev?

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए। शुभ कर्मों का फल हमेशा शुभ ही होता है। हमेशा सत्य आचरण करना चाहिए।

Who is lord shani brother?

यम ,नासात्य, दासरा, कर्ण, सुग्रीव, मनु

Who is Lord Shani sister?

यमुना भद्रा ताप्ती सुवरचला

shani dev ki janam katha

धर्म ग्रंथों के अनुसार सूर्य की पत्नी की छाया के घर शनिदेव का जन्म हुआ। जब शनि देव छाया के गर्भ में थे तब छाया भगवान शंकर की भक्ति में इतनी ध्यान मग्न थी।
छाया को अपने खाने-पीने तक की सुध नहीं थी। जिसका प्रभाव उसके पुत्र पर पड़ा और उसका वर्ण श्याम हो गया।

Lord Shani

Mahima Shani dev ki

शनि के श्याम वर्ण को देखा।  और lord surya ने अपनी पत्नी छाया पर आरोप लगाया कि शनि मेरा पुत्र नहीं है। तभी से Lord Shani अपने पिता सूर्य देव से से शत्रु भाव रखते थे।
शनिदेव ने अपनी साधना तपस्या द्वारा शिवजी को प्रसन्न कर अपने पिता सूर्य की भांति शक्ति प्राप्त की। और शिव जी ने शनिदेव को वरदान मांगने को कहा।

Shani dev dand nivaran

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how to pray lord shani?

शनिदेव ने प्रार्थना की कि युगों-युगों तक मेरी माता छाया की पराजय होती रही हैं। मेरे पिता सूर्य द्वारा अधिक बार अपमानित किया गया है।
अतः माता की इच्छा है की मेरा पुत्र अपने पिता से मेरे अपमान का बदला ले। और उनसे भी ज्यादा शक्तिशाली बने।

Shani dev ke roop

तब भगवान शंकर ने वरदान देते हुए कहा कि नव ग्रहों में तुम्हारा सर्वश्रेष्ठ स्थान होगा। मानव तो क्या देवता भी तुम्हारे नाम से भयभीत रहेंगे।

how to worship lord shani at home?

शनि देव शापित देवता हैं। वो जिसे भी सीधी नजरों से देखेंगे उसका अनिष्ट हो जाता है। और Lord Shani की मूर्ति वास्तु शास्त्र के अनुसार घर पर शनि देव की मूर्ति स्थापित नहीं करनी चाहिए।
शनिदेव का मूर्त रूप मन में याद कर ही पूजा करना सर्वश्रेष्ठ है। ध्यान रहे आप घर पर सामान्य रूप से ही पूजा करें।
शनिवार को व्रत लेना चाहिए।स्नान कर आप काले वस्त्र धारण कर पूजा शुरु कर दें । और आप सरसों या तिल के तेल से ही दिया जला शनिदेव को अर्पित करें ।
उसके बाद शनिदेव को तिल काली उदड़ या कोई भी काली वस्तु भेंट करें।

Shani dev chalisa

आप पूजा पाठ के बाद शनि गायत्री मंत्र का पाठ तथा शनि चालीसा का जाप अवश्य करें। शनि चालीसा शनि देव को प्रसन्न करने का एक रामबाण इलाज है।
जो आपको शनि देव के दंड से बचाएगा और आपको शुभ लाभ प्रदान करेगा। आप शनि देव की पूजा के बाद।
हनुमान जी की पूजा करें तथा हनुमान जी को सिन्दूर अर्पित करें।

Lord Shani


How to make shani dev happy?

आप Lord Shani को प्रसन्न करने के लिए इन दस नामों से शनिदेव का पूजन करें। कोणस्थ, पिंगल, बभ्रु, कृष्ण, रौद्रान्तक, यम, सौरि, शनैश्चर, मंद व पिप्पलाद।
शनि के संबंध में हमें पुराणों में आख्यान मिलते हैं। माता के छल के कारण सूर्य देव ने उसे शाप दिया।
शनि तुम अक्रुरतापूर्ण दृष्टि से देखने वाले मनकामी गृह हो जाएंगे।
यह भी आख्यान मिलता है। कि शनि के प्रकोप से ही अपने राज्य को घोर दुर्भिक्ष से बचाने के लिए राजा दशरथ उनसे मुकाबला करने पहुंचे।
तो उनका पुरुषार्थ देखकर शनि ने उनसे वरदान मांगने के लिए कहा। राजा दशरथ ने विधिवत स्तुति कर शनि देव को प्रसन्न किया। पद्मपुराण में इसका सविस्तार वर्णन मिलता है।

What is the favorite diet for sani bhagavan?

काला चना उड़द सरसों का तेल और फूलें में नीले रंग के फूल शनि देव को बहुत प्रिय हैं
ब्रह्मवैवर्त पुराण में शनि ने जगत जननी पार्वती को बताया है। कि मैं सौ जन्मों तक जातक की करनी का फल भुगतान करता हूं।

What to offer to lord shani?

जब विष्णु प्रिया लक्ष्मी ने Lord Shani से पूछा कि तुम क्यों जातकों को धन हानि करते हो। क्यों सभी तुम्हारे प्रभाव से प्रताड़ित रहते हैं।
तो शनि महाराज ने उत्तर दिया। मातेश्वरी मेरा कोई दोष नहीं है। परम पिता परमात्मा ने मुझे तीनों लोगों का न्यायाधीश नियुक्त किया हुआ है।
इसलिए जो भी तीनों लोगों के अंदर अन्याय करता है। उसे दंड देना मेरा काम है। एक आख्यान और मिलता है।

How to get shani dev blessings

शनि देव बुरे के साथ बुरा और अच्छे के साथ अच्छा ही करते हैं। आप सभी शनि देव को प्रसन्न करने तथा उनके प्रभाव से बचने। या प्रभाव को काम करने के लिए निम्न उपायों को करें।
आप सवा-सवा किलो के काले चने को अलग-अलग तीन बर्तनों में अच्छे से भिगो दें। आप स्नान कर साफ वस्त्र पहनकर शनिदेव का पूजन करें।
तथा चनों को सरसो के तेल में छौंका लगा कर इनका भोग शनि भगवान को लगायें। तत्पचात पहला सवा किलो चना भैंस को खिला दें।
तथा दूसरा सवा किलो चना जो भी कुष्ठ रोगी हो उनमें बांट दें। और तीसरा जो सवा किलो चना अपने ऊपर से एक बार घुमा कर सुनसान स्थान पर रखें।

How to impress lord shani

ऋषि अगस्त ने जब Lord Shani से प्रार्थना की थी। तो उन्होंने राक्षसों से उनको मुक्ति दिलवाई थी।
जिस किसी ने भी अन्याय किया उन्होंने, उनको ही केवल शनि देव ने दंड दिया है। फिर वो चाहे वह भगवान शिव की अर्धांगिनी सती रही हो।
जिन्होंने सीता का रूप रखने के बाद, बाबा भोलेनाथ से झूठ बोलकर अपनी सफाई दी। और राजा हरिश्चंद्र भी जिनके दान देने के अभिमान के कारण सप्तनीक बाजार में बिकना पड़ा।
और श्मशान की रखवाली तक करनी पड़ी।

Lord Shani

How to please shani dev for good health?

मत्स्य पुराण में महात्मा शनिदेव का शरीर इन्द्र कांति की नीलमणि जैसी है। शनि देव गिद्ध पर सवार रहते हैं।
एक हाथ में धनुष बाण हैं। और एक हाथ से वर मुद्रा भी है। शनि देव का विकराल रूप भयावह भी है और मृदु भी है।

Shani dev Pooja

शनि पापियों के लिए हमेशा ही संहारक हैं। पश्चिम के साहित्य में भी अनेक आख्यान मिलते हैं। शनिदेव के अनेक मंदिर हैं।
भारत में भी शनिदेव के अनेक मंदिर जैसे शिंगणापुर, वृंदावन के कोकिलावन, ग्वालियर के शनिश्चरा जी। दिल्ली तथा अनेक शहरों में महाराज शनि के मंदिर हैं।

How to worship shani dev on saturday?

आप रोज शनिवार को मंदिर में सरसों के तेल का दीया जलाएं। आपका यह दीया उनकी मूर्ति के आगे नहीं होगा। बल्कि मंदिर में रखी उनकी शिला के सामने जलाया जाएगा।
यदि आस-पास शनि मंदिर ना हो तो आप किसी भी पीपल के पेड़ के आगे तेल का दीया जला सकते हैं। और पीपल का पेड़ भी न हो तो आप किसी गरीब को सरसों का तेल का दान करें।

How to worship lord shani?

स्कन्द पुराण में काशी खंड में वृत्तांत आता है है। कि छाया सुत श्री Lord Shani ने अपने पिता भगवान सूर्य देव से प्रश्न किया।
कि हे पिता मैं ऐसा स्थान प्राप्त करना चाहता हूँ जिसे आज तक किसी ने प्राप्त नहीं किया। हे पिता आपके मंडल से मेरा मंडल सात गुना बड़ा हो।
मुझे आपसे अधिक 7 गुणा शक्ति प्राप्त हो। मेरे वेग का कोई सामना ना कर पाए। चाहे वह देव दानव या कोई सिद्ध पुरुष ही क्यों न हो। आपके लोक से मेरा लोक सात गुना बड़ा हो।

Lord Shani

Lord surya

दूसरा वरदान मैं यह प्राप्त करना चाहता हूं। कि मुझे मेरे आराध्य देव भगवान श्री कृष्ण के प्रत्यक्ष दर्शन हों। तथा में भक्ति ज्ञान और विज्ञान से पूर्ण हो सकूं।
सूर्य देव प्रथम बार गद-गद हुए और सूर्य देव बोले मैं भी यही चाहता हूँ। कि तुम मेरे से 7 गुना अधिक शक्ति वाला हो।
मैं भी तेरे प्रभाव को सहन नहीं कर सकूं। इसके लिए तुझे तप करना होगा। तप करने करने के लिए तू काशी चला जा। और वहां जाकर शिव शकर का घनघोर तप कर।
तथा वहां जाकर शिवलिंग की स्थापना करो। जिससेअरदान आपको मनवांछित फल की प्राप्ति हो जायेगी। Lord Shani  ने ऐसा ही क्या तथा वरदान भी प्राप्त किया। और आज भगवान् शिव ग्रहों में सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं।

How distance from shani shingnapur to trimuktsver?

3 h 57 min (173।4 km) वाया नंदुर शिंगोटे, लोनी स्टेट हाइवे

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