Khatu shyam

Khatu shyam-क्या झूठ तो नहीं खाटू श्याम की कहानी Leave a comment

who is khatu shyam

श्री श्री Khatu shyam जी श्याम बाबाश्री श्री खाटू श्याम जिन्हें हम सब शीश का दानी के नाम से तथा यह सारा संसार पूजता है।


श्री श्री खाटू श्याम महाभारत काल में पांडव महाबली भीम के पोत्र तथा घटोत्कच और माँ कामकटंकटा के पुत्र।

बाबा खाटू श्याम वास्तव में सत्य रूप से साक्षात रूप से विराजित हैं। और अपने भक्तों पर कृपा करते हैं।

Where is khatu shyam?

खाटू shyam मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में खाटू नगरी में है जो की पास वाले रेलवे स्टेशन रिंग्स से 18 km की दुरी पर है ।


Where is khatu shyam temple?

राजस्थान के सीकर जिले में Khatu shyam नगरी, जिला सीकर में बाबा का मंदिर है।

khatu shyam ji
khatu shyam ji

Khatu shyam mandir timings

खाटू श्याम जी मंदिर समय सारणी

ग्रीष्म-समय

मंदिर खुलना : सुबह 4:30

खाटू श्याम जी मंदिर बंद : दोपहर 12:30

मंदिर खुलना : शाम 4:00

Khatu shyam जी मंदिर बंद : रात्रि 10:00

Khatu shyam temple

शीतकालीन-समय

मंदिर खुलना : सुबह 5:30

खाटू श्याम जी मंदिर बंद : दोपहर 01:00

मंदिर खुलना : शाम 5:00

खाटू श्याम जी मंदिर बंद : रात्रि 9:00

हर ग्यारस पर खाटू श्याम जी मंदिर 24 घंटे खुलता है

Khatu shyam mandir

खाटू श्याम जी आरती समय 

खाटू श्याम जी मंगल आरती 

समय : सुबह 04.45- 05.45

खाटू मंदिर के खुलते ही मंगल आरती बाबा श्री श्यामकी होती है.

खाटू श्याम जी श्रींगार आरती

समय – सुबह 07:00-08:00

बाबा श्याम का फूलो द्वारा  श्रंगार किया जाता है. तथा उन्हें आभुष्ण पहनाये जाते है. और आरती की जाती है

khatu shyam mandir
khatu shyam mandir

Khatu shyam baba

खाटू श्याम जी की भोग आरती 

समय- दोपहर 12:15 से 12:30 तक

श्याम बाबा को भोग लगाया जाता है तथा आरती की जाती है.

खाटू श्याम जी की संध्या आरती 

समय- संध्या  06:00-07:15pm

बाबा Khatu shyam की यह आरती सूर्य अस्त पर संध्या के समय की जाती है.

खाटू श्याम जी की शयन आरती

समय – रात्रि 09 :00-10:00Pm

खाटू श्याम जी की शयन  आरती के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं.

Khatu shyam ji temple

मुख्य शहरों से खाटू श्याम जी

जयपुर : 80 km लगभग

दिल्ली : 300 km लगभग

मुंबई : 1210 km लगभग

कोलकता : 1505 km लगभग

चेन्नई : 2000 km लगभग

how to reach khatu shyam ji from jaipur

पास के रेलवे स्टेशन से खाटू श्याम जी

रिंग्स : 17km लगभग

जयपुर : 80km लगभग

सीकर : 65km लगभग

पास के हवाई स्टेशन से खाटू श्याम जी

जयपुर और दिल्ली

राजस्थान – जयपुर ->रिंग्स -खाटू धाम

shyam baba
shyam baba

Where is khatu shyam ji located

जब वीर बर्बरीक ने कुरुक्षेत्र के युद्ध में हारे का साथ देने का वादा किया। तब भगवन श्री कृष्णा ने वीर बर्बरीक से उनका शीश दान में मांग लिया।

श्री श्री Khatu shyam जिन्हें वीर बर्बरीक के नाम से ही जाना जाता था। उन्होंने ख़ुशी ख़ुशी अपना शीश भगवान श्री कृष्णा को दान में दे दिया।

यदि भगवान श्री कृष्ण यह बलिदान नही मांगते। तो निश्चित रूप से यह युद्ध कौरवों के द्वारा आसानी से जीता जा सकता था।

श्री कृष्ण भगवान इन महान शीश के बलिदानी से खुश होकर। उनको यह वरदान से भूषित किया की यह संसार कलियुग में तुम्हे मेरे नाम श्याम द्वारा हर घर घर में पुजेगा।

और तुम सभी की मनोकामना पूर्ण करोगे। और तुम अपने दरबार खाटू में सभी हारे के सहारे बनकर भक्तो की जीत दिलवाओगे और उन्हें आशीर्वाद प्रदान करोगे।

Khatu shyam ji

आज श्री श्री खाटू वाला श्याम अपने सभी भक्तो की मनोकामनाए पूर्ण करते हैं। आज देश विदेश से भक्त श्री बाबा श्याम के दर्शन पाने रोज खाटू धाम में आते है। और बाबा श्री श्याम को धवजा निशान चढाते है ।

श्री बाबा Khatu shyam को बहुत ही नामों से जाना जाता है। श्री बाबा खाटू श्याम जी के नाम जो इस प्रकार हैं –

मोर्विनंदन श्याम
खाटू श्याम जी
लखदातार
लीले का अश्वार
तीन बाण धारी
हारे का सहारा
खाटू नाथ की जय
कलियुग देव की जय
शीश देव की जय
खाटू नरेश

खाटू श्याम का परिवार

माता का नाम मोर्वी {कामकटंकटा}

पिता का नाम घटोत्कच
दादी का नाम हिडिम्बा
दादा का नाम पांडव भीम

आज श्री Khatu shyam के देश विदेश में हजारो की संख्या में मंदिर है। तथा वहां भकत लोग रोजाना आते हैं और अपनी मुरादें पूरी करके जाते हैं।


Baba Shyam ji ki aarti

khatu shyam bhajan
khatu shyam bhajan

श्री Khatu shyam जी की आरती जिसका खाटू श्याम जी की पूजा में बहुत ही अधिक महत्व है।  श्री श्याम भक्तो को यह आरती उनके सभी मनोकामनाओं की पूर्ती करता है।

ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।
खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे।
ॐ जय श्री श्याम हरे।।

रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे।
तन केसरिया बागो, कुंडल श्रवण पड़े।
ॐ जय श्री श्याम हरे।।

गल पुष्पों की माला, सिर पार मुकुट धरे।
खेवत धूप अग्नि पर दीपक ज्योति जले।
ॐ जय श्री श्याम हरे।।

मोदक खीर चूरमा, सुवरण थाल भरे।
सेवक भोग लगावत, सेवा नित्य करे।
ॐ जय श्री श्याम हरे।।

झांझ कटोरा और घडियावल, शंख मृदंग घुरे।
भक्त आरती गावे, जय-जयकार करे।
ॐ जय श्री श्याम हरे।।

जो ध्यावे फल पावे, सब दुःख से उबरे।
सेवक जन निज मुख से, श्री श्याम-श्याम उचरे।
ॐ जय श्री श्याम हरे।।

श्री श्याम बिहारी जी की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत भक्तजन, मनवांछित फल पावे।
ॐ जय श्री श्याम हरे।।

जय श्री श्याम हरे, बाबा जी श्री श्याम हरे।
निज भक्तों के तुमने, पूरण काज करे।
ॐ जय श्री श्याम हरे।।

Khatu shyam story

बाबा श्याम का प्रिय प्रसाद भोग

श्री मोर्विनंदन हमारे आराध्य देव श्री श्याम प्यारे का सबसे प्रिय भोग श्री गौ माँ का कच्चा दूध है।

पहला भोग जो श्री Khatu shyam ने खाटू की धरती पर सबसे पहले स्वीकार किया था। गौ दूध पहला प्रसाद है। जो बाबा श्याम को सबसे ज्यादा पसंद है।

भक्तों को अवश्य रूप से गौ माँ का दूध प्रसाद के रूप में श्री खाटू मंदिर में चढ़ाना चाहिए।

Shyam baba

और श्याम बाबा को खीर चूरमा का भोग, मावे के पेड़े तथा पंचमेवा प्रसाद भोग रूप में पसंद है।

जो उनको प्रसन्न करने के लिए बहुत ही सहायक भी है। वैसे तो श्री बाबा श्याम भाव के भूखे हैं।

उन्हें मन से आप जो भी चढ़एंगे वह ख़ुशी ख़ुशी स्वीकार करते हैं।

Khatu shyam mandir

Khatu shyam जी में अन्य दर्शनीय जगह

shyam kund khatushyamji

खाटू श्याम जी का शीश जिस धरा के भाग से अवतरित हुआ वो श्याम कुंड के नाम से जाना जाता है।

इस कुंड में श्री श्याम भक्त सच्चे मन से एक डुबकी लगा ले तो वो अपनी साड़ी बुराइयों से दूर और अच्छे शरीर का धनि अवश्य ही हो जाता है।

श्याम कुंड 2 भागो में बिभक्त है

प्रथम महिला श्याम कुंड और द्वितीय पुरुष श्याम कुंड के नाम से जाना जाता है

श्याम बगीचीshyam bagichi

श्री श्री खाटू श्याम जी के मंदिर के बाई और श्याम बगीची है। श्री श्री श्याम भक्त श्री आलू सिंह जी इसी बगीची के फूलो द्वारा श्री श्याम बाबा का रोज श्रींगार किया करते थे।

इसी बगीची में ही श्री आलू सिंह जी की मूरत भी लगी हुई है। जहाँ पर सभी श्री श्याम भक्त अपना शीश झुकते हैं और दर्शन करने आते है।

Gauri shankar mandir  

भगवान शिव जी का मंदिर भी खाटू श्याम जी मंदिर के नजदीक है। भगवान् शिव का यह मंदिर भी बहुत बड़ा चमत्कारी है।

ऐसा कहा जाता है की जब मुग़ल बादशाह ओरंजेब की सेना ने मुस्लिम कट्टरवादिता की वजह से इस मंदिर के शिव लिंग को तोड़ना चाहा था।

तो तब शिव लिंग में से खून का फवारा निकलने लगा। यह देख कर ओरंजेब की सेना डर गई और वहां भाग खड़ी हुई।

shyam baba
shyam baba

Jeen mata mandir

श्री माँ जीन बहूत सारे लोगो की कूल देवी के नाम से विख्यात है। जीन माता अष्टभुजा वाली माँ है।

चमत्कारी माँ अपने सभी भक्तों के दुखों को दूर करती हैं। ऐसा कहा जाता है की माता का मन्दिर कम से कम 1000 वर्ष पुराना है।

श्री माता जीण को महाशक्ति का अवतार भी माना जाता है।

Jeen mata mandir rajasthan sikar

जब दिल्ली के बादशाह औरंगजेब ने एक समय हर्ष पर्वत पर आक्रमण कर दिया था।

और पुरे मंदिरों , गुफाओं और अनेक भवनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। फ़िर वो जीन माता के मदिर की और बढ़ गया।

तब श्री माता ने भंवरा मधुमखियों का रूप धारण किया।और उनकी पूरी सेना पर आक्रमण कर दिया।

मधुमखियों के दंशो से बेहाल होकर पूरी सेना घोडे मैदान को छोड़कर भाग गए।

Jeen mata ka mandir

औरंगजेब ने हार मानकर माता के चरणों में शीश नवाया। और क्षमा की याचना की थी। तब कहीं जाकर माँ ने उसे माफ़ किया।

माता की शक्ति को जानकर औरंगजेब ने वहां पर भंवरो की रानी के नाम से शुद्ध खालिस सोने की बनी मूर्ति चढाई।

तथा वहां पर अखंड ज्योत जलाई। और आज सालो के बाद भी वो अखंड ज्योत जल रही है।

आज भी नवरात्रों में लगने वाले वार्षिक मेले में इस तीर्थस्थल पर बहुत ही बड़ी संख्या में भक्त लोग आते हैं।

हिन्दुओं का यह त्योहार भारतीय कैलेंडर के चैत्र और अश्विन महीने में बड़ी ही धूम धाम से मनाया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *