HARE KRISHNA

कलियुग में पापो का नाश करने वाला, जीवों का उद्धार करने वाला, HARE KRISHNA  मंत्र प्राणी समुदाय के लिए एक अभय है।

Hare Kṛṣṇa Hare Kṛṣṇa
Kṛṣṇa Kṛṣṇa Hare Hare
Hare Rāma Hare Rāma
Rāma Rāma Hare Hare

WHAT IS HARI NAAM SANKIRTAN?

श्रीमद भगवत पुराण के अनुसार कलियुग में जीव के उद्धार का एक ही साधन कहो या उपाय कहो, वह है HARE KRISHNA  हरी नाम संकीर्तन। दूसरा कोई और उपाय है ही नहीं, कारण कलियुग में जीव अन्न गत प्राण हैं।बिना भोजन के प्राणी मात्र की कल्पना भी असंभव है।

HARE KRISHNA
HARE KRISHNA

‘Kaliyug’ HARI NAAM KI MAHIMA kya hai?

श्रीमद्भागवत (१२.३.५१) का कथन है। यद्यपि कलियुग दोषों का भंडार है तथापि इसमें एक बहुत बडा सद्गुण यह है कि सतयुग में भगवान के ध्यान (तप) द्वारा. त्रेतायुगमें यज्ञ-अनुष्ठान के द्वारा, द्वापर युग में पूजा-अर्चना से जो फल मिलता था कलियुग में वह पुण्यफल श्रीहरि के नाम-संकीर्तन मात्र से ही प्राप्त हो जाता है।

Bharat me sab se pahle Hare Ram Hare Krishna Kaha par hua?

HARE KRISHNA  मंत्र तो सनातन मंत्र है। जो यह महान मंत्र कलीसंतरणोपनिषद से है, और न जाने कितने कल्पों से चला आ रहा  है। जिसका अर्थ है कलियुग में पापों से इलाज। जब से श्री पुरुषोत्तम भगवान् राम चंद्र भगवान् इस धरती पर अवतरित हुए तब से राम नाम का जप उनके भक्त करते आ रहे हैं। ठीक उसी प्रकार जब से श्री कृष्णा इस मृत्युलोक में अवतरित हुए तब से हरे कृष्ण का जाप उनके भक्त करते हैं ।

Hare Krishna Maha Mantra

मंत्र को चैतन्य महाप्रभु ने लगभग 1500 सीई के आसपास लोकप्रिय किया था। उन्होंने इस मंत्र को सार्वजनिक रूप से “हर शहर और गांव” में सार्वजनिक रूप से फैलाने, पूरे भारत में यात्रा करने और विशेष रूप से बंगाल और ओडिशा के क्षेत्रों में फैलाने का अपना मिशन शुरू किया था।

यह कहना न होगा की भारत भूमि आध्यात्म की भूमि है। इस भूमि पर हर कल्प और समय- समय पर भगवान तथा उनके पार्षद अवतरित होते रहते हैं। ताकि संसार में HARE KRISHNA  हरी नाम चलता रहे और जीव अपने मार्ग से विचलित न हो सके।

HARE KRISHNA
HARE KRISHNA

Hare ram hare krishna maha mantra aur gayatri mantra me shresth kon sa mantra hai?

पुराणों के अनुसार वेदों का लय  होता है गायत्री में, गायत्री का ॐ में और ॐ ही सब कुछ है।  जो कुछ हो रहा है वह सब कुछ नाद ब्रह्म ॐ ही है।

श्रीमद भगवत पुराण के अनुसार कलियुग में जीव के उद्धार का एक ही साधन कहो या उपाय कहो वह है हरी नाम संकीर्तन, “हरे कृष्णा हरे राम” ।

“हरे कृष्णा हरे राम राम राम हरे हरे” और” गायत्री महामंत्र”  दोनों अभेद्य मंत्र हैं। HARE KRISHNA और गायत्री महामंत्र दोनों का आध्यात्मिक लक्ष्य एक ही है,  ईश्वर पर प्रेम जागृत करना। वेद पुराणों के अनुसार गायत्री मंत्र तो सभी मन्त्रों की जननी अर्थात माँ गायत्री के नाम से जानी जाती है। आप किसी भी मंत्र का प्रयोग करें इसमें कोई भेद है ही नहीं।