Hanuman chalisa

Hanuman chalisa- राम से मिलना चाहते हो तो करे हनुमान मंत्र का जाप 3

Hanuman chalisa

कलियुग में साधकों के लिए Hanuman chalisa महामंत्र है। जब कभी भी किसी भक्त की निष्ठा की बात होती है. तो हनुमान जी से बढ़कर और कोई नहीं ।


भगवान श्री राम के प्रति उनकी भक्ति सभी भक्तों के लिए प्रेरणा स्त्रोत है।

हनुमान जी के जैसा भक्त न कोई हुआ है और न होगा। महादेव के रुद्रावतार माने जाने वाले श्री हनुमान जी को बजरंग बली, पवनपुत्र, मारुती


नंदन, केसरी आदि आदि विभिन्न नामों से जाना जाता है। हनुमान जी को वीरता, भक्ति और साहस का द्दोतक माना जाता है।

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What is the importance of Hanuman chalisa

सम्पूर्ण हनुमान चालीसा के पाठ में हनुमान जी की शक्तियों का वर्णन किया गया है।

हनुमान चालीसा में भगवान हनुमान के जीवन का सार छुपा है, जिसे पढ़ने से जीवन में प्रेरणा मिलती है।

हनुमान चालीसा को महान कवि तुलसीदास जी ने लिखा था। इसमें 40 छंद होते हैं। जिसके कारण इसको चालीसा कहा जाता है।

यदि कोई भी इसका पाठ करता है तो उसे चालीसा पाठ बोला जाता है।

Hanuman chalisa

The power of Hanuman chalisa

नासे रोग हरे सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमंत बलबीरा॥

हनुमान चालीसा में भौतिक और आध्यात्मिक आकांक्षाओं दोनों का सार छुपा हुआ है।

भगवान श्री राम के आशीर्वाद से हनुमान जी को यह वरदान प्राप्त है कि उनकी आराधना करने वाले भक्त हनुमान जी के साथ-साथ भगवान श्री

राम का भी आशीर्वाद स्वतः ही पा लेते है ।

हमारे शास्त्रों में हर समस्या का समाधान वर्णित है । हनुमान चालीसा के पाठद्वारा हनुमान जी की आराधना करना भी इन शास्त्रीय उपायों में से एक है ।

यदि आप भी चाहते है हनुमान जी को प्रसन्न करना तो आज से ही हनुमान चालीसा का पाठ करना आरम्भ कर दीजिए ।

Shri Hanuman chalisa

दोहा :

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।

बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।।

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।

बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

Hanuman chalisa

चौपाई :

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।

जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।

रामदूत अतुलित बल धामा।

अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।

महाबीर बिक्रम बजरंगी।

कुमति निवार सुमति के संगी।।

कंचन बरन बिराज सुबेसा।

कानन कुंडल कुंचित केसा।।

 

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।

कांधे मूंज जनेऊ साजै।

संकर सुवन केसरीनंदन।

तेज प्रताप महा जग बन्दन।।

विद्यावान गुनी अति चातुर।

राम काज करिबे को आतुर।।

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।

राम लखन सीता मन बसिया।

Anjaneya songs

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।

बिकट रूप धरि लंक जरावा।।

भीम रूप धरि असुर संहारे।

रामचंद्र के काज संवारे।।

लाय सजीवन लखन जियाये।

श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।

Hanuman chalisa

तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।

अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।

 Hanuman chalisa full

नारद सारद सहित अहीसा।।

जम कुबेर दिगपाल जहां ते।

कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।

राम मिलाय राज पद दीन्हा।।

तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।

लंकेस्वर भए सब जग जाना।।

जुग सहस्र जोजन पर भानू।

लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

 

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।


जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।

दुर्गम काज जगत के जेते।

सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।

Hanuman chalisa

राम दुआरे तुम रखवारे।

होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।

तुम रक्षक काहू को डर ना।।

आपन तेज सम्हारो आपै।

तीनों लोक हांक तें कांपै।।

भूत पिसाच निकट नहिं आवै।

महाबीर जब नाम सुनावै।।

Hanuman chalisa hindi lyrics

नासै रोग हरै सब पीरा।

जपत निरंतर हनुमत बीरा।।

संकट तें हनुमान छुड़ावै।

मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।

सब पर राम तपस्वी राजा।

तिन के काज सकल तुम साजा।

और मनोरथ जो कोई लावै।

सोइ अमित जीवन फल पावै।।

चारों जुग परताप तुम्हारा।

है परसिद्ध जगत उजियारा।।

साधु-संत के तुम रखवारे।

असुर निकंदन राम दुलारे।।

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।

अस बर दीन जानकी माता।।

राम रसायन तुम्हरे पासा।

सदा रहो रघुपति के दासा।।

 

तुम्हरे भजन राम को पावै।

जनम-जनम के दुख बिसरावै।।

अन्तकाल रघुबर पुर जाई।

जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।।

और देवता चित्त न धरई।

हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।

संकट कटै मिटै सब पीरा।

जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

जै जै जै हनुमान गोसाईं।

कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।

जो सत बार पाठ कर कोई।

छूटहि बंदि महा सुख होई।।

 

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।

होय सिद्धि साखी गौरीसा।।

तुलसीदास सदा हरि चेरा।

कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।।

दोहा :

पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।

राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।

Hanuman chalisa path karne ki vidhi

हनुमान चालीसा का पाठ प्रतिदिन करना चाहिए । इसलिए जितना शीघ्र हो सके आप इसे याद कर ले ।

सुबह का एक समय निश्चित कर प्रतिदिन उसी समय पर Hanuman chalisa का पाठ करे ।

समय के चुनाव में ध्यान दे सुबह 6:15 am , 7:15 या 8:15 am इस प्रकार का समय चुने, व 6:45 am , 7:45 am

ऐसे समय पर कोई भी पाठ-पूजा न करें ।

Hanuman chalisa in hindi

Hanuman chalisa

Hanuman chalisa ke labh

हनुमान जी एक वरदान के अनुसार इस कलियुग में भी जीवित हैं और अजर-अमर हैं ।

हनुमान जी का नाम लेने भर से हर भय और कष्ट से मुक्ति मिल जाती है।

विशेष रूप से शनिवार और मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करना ब‍हुत लाभदायक होता है ।

हनुमान जी की प्रतिदिन पूजा करने से बल बुद्धि और ज्ञान की वृद्धि होती है । उनके मंत्र जाप करने से मनुष्य के सभी भय दूर होते हैं।

जो भी मनुष्य शनि देव की साढ़े साती या महादशा से पीड़ित हैं, उनके लिए हनुमान चालीसा का पाठ करना लाभदायक माना जाता है।

Hanuman chalisa song

Source:T-Series Bhakti Sagar

Benefits of Hanuman chalisa paathHanuman chalisa

गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित Hanuman chalisa में वो सभी चमत्कारी शक्तियाँ  निहित है।

जो हमारे सभी संकटों को पल भर में दूर कर सकती है । हनुमान चालीसा की बहुत सी चौपईयाँ मंत्रों के रूप में प्रयोग की जाती है।

जो कि रोगों में मुक्ति दिलाने, भूत-प्रेत बाधा दूर करने व भय आदि से छुटकारा दिलाने में सहायक सिद्ध होती है।

जिन लोगों की कुंडली में मांगलिक दोष होता हैं. उन्हें श्री हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए जो बहुत ही लाभदायक समझा जाता है।

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