gayatri mantra

Gayatri  Mantra with Meaning And Its Benefits Leave a comment


Gayatri  Mantra :गायत्री मंत्र

दोस्तों आज हम जिस मन्त्र के बारे बात करने जा रहे है । उस मन्त्र को आप सबसे पहले सीखते है । हमारे जीवन और हिन्दू धर्म दोनों में ही गायत्री मन्त्र बहुत ही सरकरात्मक मतलब छिपा हुआ है । कई बार हमारे माता -पिता किस्से -कहानियो के माद्यम से भी gayatri mantra का मतलब समझते है । जीवन का चाहे कोई भी पड़ाव हो । चाहे हम खुश हो या दुखी हो । गयंत्री मन्त्र हमारे अंदर एक नई ऊर्जा और शक्ति का
संचार करता है । जिससे हमारे अंदर काम करने की शक्ति और बढ़ जाती है ।


gayatri mantra in hindi

 

अगर आप पूरे दिन में तीन से चार बार इस मन्त्र का जप करते हो । आपका गुस्सा और जितनी भी बुरी शक्तिया होती है वो आप से दूर रहती है । लेकिन अगर आप ये सोच रहे हो । सिर्फ मन्त्र के जप मात्र से आपको इसका फल मिल सकता है तो आप बिलकुल गलत सोच रहे हो । आपको इस मन्त्र का फल प्राप्त करने के लिए आपको सही मतलब भी पता होना चाहिए । जितने मन और श्रद्धा के साथ आप इस gayatri mantraका जाप करेगी । आपको उतना ही जल्दी फल मिलेगा और आप खुद को बहुत अच्छा महसूस करेगी । कई बार ऐसा भी होता है की आपको मन्त्र तो याद रहता है पर आप इसका मूल भाव भूल जाते हो । इसके लिए आज हम आपको गायत्री मन्त्र का पूरा मतलब बताने जा रहे है ।


गायत्री मंत्र :– Gayatri Mantra Meaning

“ ॐ भूर्भुवः स्वः

हे भगवन, आपने इंसान को जीवन दिया, उसके दुखों का नाश कर उसको का सुख प्रदान करते हो.

तत्सवितुर्वरेण्यं

सूर्य की तरह आप हमेशा उज्जवल व सर्वश्रेष्ठ रहो

भर्गो देवस्यः धीमहि

हमारे कर्मो का उद्धार करें, प्रभु: हमें आत्म ध्यान के काबिल बनाएं.

धियो यो नः प्रचोदयात् ”

हमारी बुद्धि को प्रार्थना करने की शक्ति दे.

Gayatri mantra Lyrics With Meaning

ॐ = प्रणव
भूर = मनुष्य को प्राण प्रदाण करने वाला
भुवः = दुख़ों का नाश करने वाला
स्वः = सुख प्रदाण करने वाला
तत = सूर्य की भांति उज्जवल
वरेण्यं = सबसे उत्तम
भर्गो = कर्मों का उद्धार करने वाला
देवस्य = प्रभु
धीमहि = आत्म चिंतन के योग्य
धियो = बुद्धि, 
यो = जो, 
नः = हमारी,
प्रचोदयात् = हमें शक्ति देने वाला (प्रार्थना)

Gayatri Mantra in Hindi

अगर आपको नहीं पता तो हम आपको ये भी बात बताना चाहते है की gayatri mantra का जप विशेष रूप से सूर्य भगवान् को खुश करने के लिए किया जाता है । इस मन्त्र के उच्चारण का सही समय सुबह , दोपहर ( १२ बजे ) या संध्या काल के समय करना चाहिए । अगर आप स समय
इस मन्त्र का जप करेगी तो आपको बहुत अधिक लाभ मिलेगा । रोजाना सुबह -सवेरे गायत्री मन्त्र का जप करने से दिन की शुरुवात अच्छी होगी । आपके अंदर एक नई ऊर्जा का संचार होगा और आप दिन भर ऊर्जावान रहेगी ।


अगर आपको कभी भी कोई नकारात्मक शक्ति या आपको किसी भी प्रकार की घबराहट या कोई डर सताये तो आप इस gayatri mantra का जप क्र सकते है ।इसे करने से आपका मन और दिमाग दोनों पूर्ण रूप से शांत व ठंडा रहेगा. साथ ही भगवान का ध्यान करने से आपको सकारत्मक उर्जा का आभास होगा.

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ऊपर बताये गए गायत्री मंत्र के लाभों के अतिरिक्त यदि जब कभी लगे कि आप के साथ कुछ भी अनहोनी होने का डर या मन में आशांति है, तो gayatri mantra  का जाप कर सब दुखो का निवारण प्रभु पर छोड़ दे.

Gayatri Mantra Benefits

गायत्री मंत्र   सारी इंद्रियां सक्रिय हो जाती हैं। सुनने से जितना इसका लाभ मिलता है उतना ही लाभ इस मन्त्र का नियमित रूप से जप करने से होता है । आपको बहुत सारे लोगो ने गायत्री मन्त्र का जप करने की सलाह दी होगी ।कई घरों में तो इसे अनिवार्य रूप से नियमित पढ़ा जाता है। आखिर इसमें ऐसी क्या खासियत है। यहां हम आपको gayatri mantra in hindi  पढ़ने के पांच फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं…

एकाग्रता बढ़ाने के लिए

gayatri mantra ka laabh  का जप सर्वाधिक विद्यार्थियों या छात्रों को फायदा पहुंचाता है। इसके जप से एकाग्रता बढ़ती है ध्यान भंग नही होता और पढ़ाई में मन लगने लगता है।

संतान प्राप्ति के लिए

 

2. गायत्री मंत्र के तेज का अनुमान इस बात से भी लगाया जाता है कि नियमित रूप से गायत्री मंत्र जपने से देवी की कृपा होती है। यदि आप मंत्रोच्चार के वक्त संतान की कामना करते हैं तो आपकी मनोकामना अवश्य ही पूर्ण होगी। अर्थात संतान प्राप्त करने के लिए भी इस मंत्र का जप किया जा सकता है।

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विवाह में देरी के लिए

गायत्री मंत्र का 108 बार जप वैसे तो आप नियमित ही कर सकते हैं, किंतु यदि किसी कन्या या लड़के के विवाह में देरी हो रही है तो सोमवार के दिन इसका जप करें। इससे निश्चित ही विवाह बाधा दूर होगी और आपके विवाह जीवन के प्रारंभ होने के मार्ग खुल जाएंगे।

व्यापर में वृद्धि के लिए

 

सिर्फ संतान या विद्यार्थी ही नही, नौकरी से संबंधित समस्याओं का समाधान भी इसके जरिए होता है। व्यापार में नुकसान होने पर भी गायत्री मंत्र का जप लाभ पहुंचता है, किंतु इसके लिए जरूरी है कि शुक्रवार को पीतांबर वस्त्रों को धारण कर इसका जप करें।

रोगो को दूर करने के लिए

गायत्री मंत्र रोगों को नाश करने करने वाला भी बताया गया है अर्थात कांसे के बर्तन में जल भरकर शुभ मुहूर्त में 108 बार इस पवित्र मंत्र का जप करें। इससे रोग दूर भागते हैं एवं मन शुद्ध होता है।

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Source : Guru Mantra

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