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Ganesh Chaturthi Poojan- |Kyo manai jati hai ganesh chaturthi Leave a comment

Ganesh Chaturthi

भगवान् गणेश रिद्धि सिद्धि के दाता हैं जो हर विघ्नों को हरने वाले ऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल के दौरान हुआ था इसीलिए मध्याह्न के समय को Ganesh Chaturthi Poojan के लिये ज्यादा उपयुक्त माना जाता है।


What is Ganesh Chaturthi?

गणेश चतुर्थी के दिन, भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है। यह मान्यता है कि भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष के दौरान भगवान गणेश का जन्म हुआ था। अंग्रेजी कैलेण्डर के अनुसार गणेश चतुर्थी का दिन अगस्त अथवा सितम्बर के महीने में आता है।

 

Ganesh Chaturthi kya hai?

महादेव एवम माता पार्वती के पुत्र भगवान् श्री गणेश जी के जन्म उत्सव को Ganesh Chaturthi Poojan के रूप में जाना जाता है। इस दिन भगवान् गणेश जी से बुद्धि सौभाग्य और समृद्धि के लिए आशीर्वाद लिया जाता है।


Vinayak Chaturthi kya hai?

वेद और पुराणों के अनुसार भगवान् गणेश जी का जन्म भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष में हुआ था। पाश्चात्य या अंग्रेजी कैलेण्डर के अनुसार गणेश चतुर्थी का दिन अगस्त अथवा सितम्बर के महीने में आता है।

ganesh chaturthi poojan

What is the story of Vinayaka Chaturthi?

एक बार की बात है जब महादेव कैलाश में नहीं थे और संसार से  रिद्धि सिद्धि चली गई थी, तब देवी देवताओं के अनुरोध पर माता पार्वती ने अपने शरीर के मल द्वारा गणेश जी को जन्म दिया। जब माता पार्वती को यह सूचना मिली की महादेव वापस कैलाश आ रहे हैं।

Why we celebrate Ganesh Chaturthi?

सभी देवियों ने माता से अनुरोध किया की आप महादेव के आगमन की ख़ुशी में पुनः नए आभूषणों एवं नए वस्त्रो को धारण करें। सभी देवियों ने माता के स्नान एवम श्रृंगार की तैयारी की। माता पार्वती ने गणेश जी को आदेश दिया की जब तक उनका स्नान एवम श्रृंगार पूरा न हो जाये कोई भी भीतर प्रवेश न करे।

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Why this is important to celebrate Ganesh Chaturthi?

गणेश जी वचन के पक्के थे। उन्होंने किसी को भी भीतर प्रवेश नहीं करने दिया। जब महादेव कैलाश लौटे और वो माता पार्वती से मिलने हेतु उनके कक्ष के भीतर जाने लगे तो गणेश जी ने उनको मना कर दिया। महादेव के बार बार समझने पर भी गणेश जी नहीं माने। तब और भी देवताओं ने अनुरोध किआ, परन्तु सभी को अपमानित और पराजित होकर आना पड़ा।

Kyo manai jati hai ganesh chaturthi?

यह देख कर महादेव क्रेडिट हो उठे और गणेश जी मल बुद्धि युक्त सर धर से अलग कर दिया। जब माता पार्वती को पता चला तो वो क्रोधित हुई। देवी देवताओं के अनुरोध पर पुनः गणेश जी पर हाथी का सिर लगया गया और उन्हें उस दिन से विघ्न हरता का वरदान भगवान् विष्णु ने दिया। यह दिन Ganesh Chaturthi के नाम से जाना जाने लगा और आज Ganesh Chaturthi Poojan हर घर में की जाती है।


How many days does Ganesh Chaturthi last?

गणेश चतुर्थी जो 10 दिन तक लगातार चले वाला महोत्सव पूरे भारतवर्ष में धूमधाम से मनाया जाता है। जब भारत देश अंग्रेजो का गुलाम था उस वक्त भी गणेश चतुर्थी मनाई जाती थी, परन्तु बहुत ही अल्प परिवार इसे मानते थे।

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Who started Ganesh Chaturthi festival?

साल १८९३ ईसवी में बाल गंगाधर तिलक ने देखा यह त्योहार जो भी लोग मानते है, वो लोग बड़े ही हर्षों उल्लास के साथ मनाते हैं। तिलक जी ने सोचा यह एक अच्छा माध्यम हो सकता है, देश के लोगो को एक जूट करने का और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने का। यह त्यौहार उस वक्त के समाचार पत्र ‘केसरी’ में छपवाया गया। उस दिन से  गणेश चतुर्थी उत्सव पूरे भारत में और प्रचलित और सामुहि रूप से मनाया जाने लगा।

How to celebrate ganesh chaturthi?

Ganesh Chaturthi Poojan का त्यौहार उत्सव एक महीने पहले मूर्तियों के निर्माण कार्य से शुरू होता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार मध्याह्न के समय को गणेश पूजा के लिये सबसे उपयुक्त समय माना जाता है। मध्याह्न मुहूर्त में, भक्त-लोग पूरे विधि-विधान से गणेश पूजा करते हैं। जिसे षोडशोपचार गणपति पूजा के नाम से जाना जाता है। गणेश चतुर्थी को विनायक चतुर्थी और गणेश चौथ के नाम से भी जाना जाता है।

Ganesh chaturthi kaise manate hain?

भक्त गणेश चतुर्थी के दिन सुबह सुबह स्नान करते हैं और भगवान गणेश की प्रार्थना करते हैं। भगवान गणेश की मूर्ति सुगंधित पानी से अभिशाप किया जाता है और फिर फूलों से सजाया जाता है। अनुष्ठान के समय लोग भगवान गणेश को दुर्व ग्रास, मंत्र  का जप करते हैं और मोदक का भोग दिया जाता है । इस त्यौहार के दौरान भगवान गणेश की मिट्टी की मूर्तियों की पूजा की जाती है और दसवें दिन पानी में विसर्जित की जाती है। यह हिंदू धर्म में माना जाता है कि जब भगवान गणेश पृथ्वी पर आते हैं तो घर पर बहुत सारी बुद्धि, समृद्धि और खुशी लाती है और उनके साथ सभी समस्याएं दूर होती हैं।

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What is the disadvantages of vinayaka chaturthi?

चन्द्रमा को गणेश भगवान का शाप है, की जो कोई भी जो व्यक्ति जाने-अनजाने में भी भाद्र शुक्ल चतुर्थी को चन्द्रमा के दर्शन कर लेगा, वह अभिशप्त होगा और उस पर झूठे आरोप लगाये जायेंगे।

यदि इस दिन दर्शन हो जाये तो इस पाप से बचने के लिए निम्न मन्त्र का पाठ करे-

” सिंह प्रसेनमवधीत्सिंहो जाम्बवता हतः सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्रोष स्यमन्तकः”

What is the advantages of vinayaka chaturthi?

Ganesh Chaturthi Poojan के दिन गणेश भगवान् जी की पूजा करने से रिद्धि सिद्धि आती है। गणेश भगवान् जी सुख शान्ति प्रदान करते हैं। गणेश भगवान विघ्नहर्ता हैं, जो सारे कष्टों का निवारण करते हैं तथा सारी दरिद्रता दूर करते हैं।

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