Chandra Grahan

Chandra Grahan date and time 2019 – कौन सी राशि को होगा भारी नुकसान 1

Chandra Grahan चन्द्र ग्रहण 2019

Chandra Grahan चंद्रग्रहण उस स्थिति को कहा जाता है जब चंद्रमा घूम कर ठीक पृथ्वी के पीछे आती है और पृथ्वी की प्रच्छाया उस पर आ जाती है।
लेकिन ऐसा जभी हो सकता है जब सूर्य पृथ्वी और चंद्रमा तीनो एक ही सीध में एक के पीछे होते है और जब सूर्य की प्रच्छायाकी पृथ्वी पर और पृथ्वी और पृथ्वी की चंद्रमा पर आती है|
इस ही वजह से इसका नाम चन्द्र ग्रहण रखा गया है|
ज्योतिष बताते है इस दिन और इस दिन में क्या करना चाइये इस बात का जरुर ध्यान रखना चाइये| क्यों की चन्द्र ग्रहण किस की कुंडली में होता है उससे बर्बाद कर देता है|
चंद्रग्रहण का प्रकार एवं अवधि चंद्र संधियों के सापेक्ष चंद्रमा की स्थिति पर निर्भर करते हैं। आइये जानते है Chandra Grahan से जुडी और कुछ बाते|


chandra grahan kya karen kya na karen

Chandra Grahan 2017

2017 का पहला चद्र ग्रहण को लगा था इसका समय २ घंटो का था तथा दूसरा चद्र ग्रहण अगस्त में लगा था जिसका समय लगभग ३ घंटो का था दोनों चंद्र ग्रहण का प्रभाव 12 की 12 राशियों पर पड़ा । किसी पर ज्यादा तो किसी राशि पर कम |


चन्द्र ग्रहण की कहानी Chandra Grahan kahani

अपने बहुत से ग्रहण  के बारे में सुना होगा और आप चन्द्र ग्रहण के बारे में जानते होगे लेकिन यह होता क्या है? और उस दिन क्या नही करना चाइये|
आज हम इन सभी बातो को जानेगे और समझे गे आखिर क्या होता है Chandra Grahan| और आज ही बात करेगे की इस दिन किन राशी वालो को रहना चैये सावधान!.
यह तो सब को पता है की सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी प्रकाशित होती है और इस ही वजह से अपवर्तन से चन्द्रमा प्रकाशित होता है।
सूर्य की सुषुम्णा नाम की किरण से चन्द्रमा को प्रकाशित करती है। जब सूर्य तथा चन्द्रमा के मध्य पृथ्वी आ जाती है तब चन्द्र ग्रहण घटित होता है।
भारत में एक मात्र दिखाई देने वाला Chandra Grahan अषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा जो की इस वर्ष शुक्रवार को 16 जुलाई को 2019 की मध्यरात्रि 1.30 मिनट पर होगी और मोक्ष सुबह 4.30 पर होगा।

क्‍यों होता चन्द्र ग्रहण – Kyun Hota Hai Chandra Grahan

ज्योतिष  के अनुसार एक बार समुद्र मंथन के समय देव और दानवों में अमृत पान का लेकर विवाद हो गया|
तभी विवाद का सुलझाने के लिये मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्‍णु ने रूप धारण किया जो की मोहिनी का रूप था|
जब भगवान विष्‍णु ने देवताओं और असुरों को अलग-अलग बिठा दिया|
लेकिनएक असुर छल से देवताओं की लाइन में आ बैठा और अमृत पी लिया|
देवताओं की लाइन में बैठे चन्‍द्रमा और सूर्य ने राहू का ऐसा करते हुए देख लिया उन्‍होने विष्‍णु भगवान को बता दिया|
विष्‍णु भगवान ने तुरंत ही अपने सुदर्शन से राहू का सर काट दिया| लेकिन राहू के अम्रत पान करने के कारण राहू मरा नही|
उसके सर वाला भाग राहू और धड केतूू के नाम से जाना गया|
chandra grahan 2019


Chandra grahan 2019 dates and time in india

इस साल यह हिंदी केलिन्डर के अनुसार 16 जुलाई को आषाढ़ पूर्णिमा को सदी का सबसे लंबा चन्द्रग्रहण लगने जा रहा है।
16 जुलाई रात्रि ग्रहण की शुरुआत रात में करीब 1.30 मिनट पर होगी और मोक्ष सुबह 4.30 पर होगा।
शुरू होने से अंत होने तक करीब 3 घंटे का रहेगा। खगोल वैज्ञानिक मान रहे हैं कि इस चंद्रग्रहण को पूरे भारत में देखा जा सकता है।
यह ग्रहण भारत के को छोड़ कर इन्हें देशो में भी होगा एशिया, यूरोप, आस्ट्रेलिया, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, प्रशांत, हिंद और अटलांटिक महासागर क्षेत्र में देखा जा सकेगा।
इस का समय 16 जुलाई की मध्य रात्रि में 1:30 मिनट पर होगा और इसका मोक्ष सुबह 4.30 पर होगा।chandragrahna ka prabhav

How it effects on raashi चन्द्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव

ज्योतिष के अनुसार आपको बता दे की मन गया है की जिस राशि में चन्द्रग्रहण होता है| उस राशि के लोगों को इस दिन कष्ट का सामना करना पड़ता सकता है।
लेकिन Chandra Grahan से बचने का भी उपाय है इस दौरान कुछ बातो और नियमो का ध्यान रखना बहुत जरुरी हो जाता है|
ज्यादा तर यह ग्रहण मकर राशि और मीन राशि में होने के कारण इस राशि के लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
यह ग्रहण से जहां कई राशियों को अशुभ फल मिलने की आशंका दिखाई देती है| वहीं कुछ राशियों को लाभ और शुभ फल भी मिलने के भी संकेत होते है।
माना गया है की मिथुन, तुला, वृश्चिक और मीन राशि के लिए यह ग्रहण शुभ रहेगा|
इन क्षेत्रों में आतंकी घटनाएं हो सकती हैं। सफेद वस्तुओं और चांदी, मोती एवं घतुओं के दाम बढ़ेंगे।

क्या करे क्या न करे? Never do this ChandraGrahan

माना गया है की चंद्र ग्रहण Chandra Grahan के दिन देवी-देवताओं के दर्शन बिलकुल भी नही करना चैये ऐसा करना अशुभ माना जाता है।
इस दिन मंदिरों के गेट और पूजा स्थान को बंद रखे| किसी भी तरह की पूजा का विधान नहीं किया जाता है।
भारत में चंद्र ग्रहण को लेकर कई धारणाएं प्रचलित है लेकिन विज्ञान के मुताबिक यह पूरी तरह खगोलीय घटना है।
आइए आज जानते हैं क्या होता है चंद्र ग्रहण और यह कैसे होता है। सूर्य ग्रहण में 12 घण्टे पहले सूतक लग जाता है और Chandra Grahan में 9 घण्टे पहले सूतक लग जाता है|
इस दिन समय ताला खोलना, सोना, मलमूत्र का त्याग, मैथुन और भोजन ये सब कार्य करना सही नही मन जाता।
और ग्रहण पूर्ण होने पर जिसका ग्रहण हो, उसका शुद्ध बिम्ब देखकर भोजन करना चाहिए।

ध्यान रखे Remember this

चन्द्र ग्रहण Chandra Grahan के समय अगर आप गाय को घास और पक्षियों को अन्न दान करते है तो आपके दुख दूर होते है|
इस दिन दिन पत्ते, तिनके, लकड़ी और फूल नहीं तोड़ने चाहिए, बाल तथा वस्त्र नहीं निचोड़ने चाहिए व दंतधावन नहीं करना चाहिए।
ग्रहण के समय कोई भी शुभ व नया कार्य नही करना चाइये इससे कभी लाभ नही मिलता और खास गर्भवती महिला को ग्रहण   के समय विशेष सावधान रहना चाहिए।
3 दिन या 1 दिन उपवास करके स्नान-दानादि का ग्रहण में महाफल है किंतु संतानयुक्त गृहस्थ को ग्रहण Chandra Grahan और संक्रांति के दिन उपवास नहीं करना चाहिए।
Sankat mochan hanuman mandir varanasi बहुत प्रसिद्ध मंदिरों में से एक जरुर आए एक बार  
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