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Bhai Dooj 2018 | Puja Vidhi Aur Shubh Muhurt 1

भाई दूज 2018 (Bhai Dooj 2018 )

भाई दूज (bhai dooj ) , भाई बहन के प्रेम का प्रतिक है । यह दिन भाई बहन के प्यार को और मजबूत करता है । ये दिवाली के दो दिन बाद मनाया जाता है इसे हम भैया दूज (bhaiya dooj ) के नाम से भी जानते है अलग अलग धर्म के लोग इसे अलग अलग नाम से मनाते है


इस दिन बहने अपने भाई के लिए लम्बी आयु की दुआ करती है । यह पर्व दर्शाता है भाई बहन के बीच का अटूट प्रेम , उनके अटूट विश्वास को ।हिन्दू धर्म में भाई बहन के प्यार के प्रतिक दो त्योहार मनाया जाता है । एक रक्षा बंधन जो श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसमें भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है ।

दूसरा होता है भाई दूज !जिसमें बहने अपने भाई की लम्बी आयु की पार्थना करती है । यह कार्तिक मास की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है ।


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इस त्यौहार के लिए प्रत्येक क्षेत्र का अपना नाम है।

  • भैया दूज ( हिंदी में )
  • भगिनी हस्ता भोजन (संस्कृत )
  • यम द्वितीय
  • सोदरा बीडीज (कर्नाटक )
  • भाई -टिका (नेपाल )
  • भाव -बीज (महाराष्ट्र )
  • कार्तिगाई
  • भाई फोटा (बंगाल )

भाई दूज का क्या महत्व है ?

भैया दूज (bhai dooj) दो शब्दों से मिलकर बना है जिसका अर्थ है भाई मतलब “भाई ” दूज का मतलब है नया चन्द्रमा का दूसरा दिन ।इस पर्व का पहला और आखिर लक्ष्य भाई बहन के बीच प्रेम को बढ़ाना है । इस दिन बहने भाइयो को तिलक लगा कर भाइयों के स्वस्थ तथा दीर्घायु की कामना करती है ।

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इस वर्ष भाई दूज कब है ?

इस वर्ष भाई दूज (bhai dooj ) 9 नवंबर 2018  को मनाया जायगा । इस के आलावा भाई दूज के लिए शुभ मुहूर्त इस प्रकार है ।

Bhaiya Dooj Shubh Muhurt

टिका मुहूर्त : १३:१० से ३:२५
टिका करने का समय सिमा : २ घंटे १७ मिनट
दूतीय तिथि ८ नवंबर २०१८ २२:३७ से शुरू होगा
दूतीय तिथि ९ नवंबर २०१८ २२:५० पर समाप्त हो जायगा ।


हम भाई दूज क्यों मानते है ?

भाई और बहन के बीच का संबध निश्चित रूप से बहुत अच्छा होता है ये त्योहार इस रिश्ते को और मजबूत करता है । इस को मन्नने के पीछे बहुत सारी कहानिया है । लकिन एक कहानी बहुत प्रसिद्ध है |

भगवान सूर्य के दो संतान थी जिनका नाम यमराज और यमुना था दोनों में बहुत प्रेम था यमुना अपने भाई से हमेशा बोलती थी की उनके घर आकर भोजन करे । लेकिन यमराज इतने व्यस्त होते थे की कभी जा ही नहीं पाए ।

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फिर एक दिन शुक्ल पक्ष की कार्तिक का दिन था उस दिन यमुना ने फिर उन्हें खाने पर बुलाया । यमराज ने सोचा की मै तो सबके प्राणों को हरता हूँ मुझे कोई अपने घर नहीं बुलाना चाहता है । मगर उन्होंने सोचा मेरी बहन ने मुझे अपने घर खाने पर बुलाया है उसके घर जाना मेरा फर्ज है

जिस दिन वो अपनी बहन के घर जा रहे थे उन्होंने सभी नर्क वासियो को मुक्त  दिया ।यमुना ने कहा इस वर्ष की तरह प्रति वर्ष मेरे घर आया करो । इस दिन जो भी मेरी तरह अपने भाई का आदर सत्कार करे उसे तुम्हारा भय ना हो । यमराज तथास्तु कह कर वह से चल दिए । इसलिए इस दिन यमराज और यमुना की पूजा की जाती है ।

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भाई दूज पूजा विधि ( Bhai Dooj Puja Vidhi )

सबसे पहले सुबह उठ कर स्नान आदि के बाद , विष्णु और गणेश जी की पूजा करे । उसके बाद बहने भाई को टिका लगा कर उसकी लम्बी आयु की पार्थना करे ।

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bhai dooj puja vidhi

स्कंदपुराण के अनुसार भैया दूज (bhaiya dooj puja vidhi ) की पूजा विधि इस प्रकार है इस दिन भाइयो को बहनो के घर जाकर भोजन करना चाहिए । अगर आपकी बहन की शादी ना हुए हो तो आपको उसके हाथ का बना हुआ ही भोजन करे ।

अगर आपकी अपनी सगी बहन ना हो तो आप आपने चाचा ,मामा की बेटी या पापा की बहन के घर भी जा सकते हो । भोजन करने के बाद बहन को अच्छे अच्छे तोहफे दे । इस दिन यमुना जी का स्नान का विशेष महत्व है |

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