balaji mandir

Balaji Mandir-बालाजी अवश्य ही भगाते हैं प्रेत 2

Balaji mandir

महा Balaji Mandir बहुत ही शक्तिशाली और नव ऊर्जा को जागृत करने वाला शुद्ध और पुण्य धाम है। यहाँ हनुमान जी साक्षात् निवास करते हैं। सच्ची श्रद्धा और ईश्वर के प्रति प्रेम प्रगाढ़ता आपको हनुमान जी के साक्षात् दर्शन भी करा सकती है जो पूर्ण रूप से सत्य है।


कहा जाता है की हनुमान जी यहाँ निवास करते हैं। यहाँ पर सभी ऐसे व्यक्ति जो किसी प्रेत आत्माओं के प्रभाव से ग्रसित हो, सभी बुरी आत्माएं तुरंत ही बालाजी के मंदिर में आने से भाग जाती हैं। जो सभी के सामने स्पष्ट रूप से दीखता है भी है।

जिसका जाप करना बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है. जो आपको पागल भी कर सकता है. महादेव मंत्र को जाने के लिए क्लिक करें इस लिंक पर  महादेव का पागल कर देने वाला मंत्र ||

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Balaji temple

राजस्थान एक आस्था का क्षेत्र है, जहाँ सभी लोग पूजा पाठ और धर्म कर्म में विशवास रखते हैं। श्री रामभक्त हनुमान जी का मंदिर भारत देश के राजस्थान के दौसा जिले में स्थित है। ‘बलाजी’, हनुमान जी को बचपन में सभी पुकारते थे। इसी बचपन के नामानुसार उनके इस मंदिर का नाम भी बालाजी है।

Balaji Mandir

 

Mehandipur balaji story in hindi

Balaji Mandir जिस स्थान पर है, वह जंगल से घिरा हुआ था। जहा पर जंगली जानवर का घोर निवास था। बाला जी मंदिर का इतिहास 1000 साल पुराना है। इस मंदिर में एक महंत हुआ करते थे, जिन्हे लोग घंटे वाले बाबा जी के नाम से जानते थे।

एक बार उन्होंने स्वप्न देखा की बालाजी उनके कान पर बोल रहे हैं की उनकी मेरी सेवा का भर ग्रहण करो। पहले तो उन्हें विश्वाश नहीं हुआ, परन्तु जब उन्होंने साक्षात बालाजी, भैरव और प्रेत राज के दर्शन किये तब जाकर उन्होंने वहां पर बालजी मंदिर की स्थापना की।

Kumbh Mela

यह तो सत्य ही है की इस बार कुम्भ में हनुमान जी अवश्य ही स्नान हेतु आएंगे. कुम्भ हेतु ज्यादा जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

KumbhMela jayen
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Mehandipur balaji

वहां पर तीनो देवता स्थापित हो गए। यह मंदिर बहुत ही प्रसिद्द एवम् तुरंत फलदायक है। इस मंदिर की सेवा हजारों वर्ष से महंत द्वारा की जा रही है। अभी वर्तमान में मंदिर के महंत श्री किशोर पूरी जी महाराज हैं।

शनिवार और मंगलवार को इस मंदिर में विशेष रूप से पूजा अर्चना होती है। हनुमान जी इस कलियुग में भी इस मंदिर में पूर्ण रूप से विराजित हैं। यह फिर किसी मरीज के लिए आस्था का केंद्र हो या साधक का सभी की मनवांछित इच्छाएं यहाँ पर पूर्ण होती है।

Mehandipur balaji temple

Balaji Mandir बहुत ही शुद्ध और पवित्र धाम है। यहाँ पर जो भी मनोकामना मांगो पूरी होती है। यह स्थल भूत प्रेत या भटकी आत्माओं से पीड़ित लोगो के लिए किसी वरदान से काम नहीं है।

बालाजी मंदिर में प्रांगन की संख्या चार है। जहाँ पहले दो आँगन में बाला जी और भैरव की मूर्तियां हैं। तीसरे और चौथे में प्रेत राज का आँगन है। जो दुष्ट अआत्माओं के राजा हैं। जो भी मनुष्य इन दुष्ट आत्माओं के प्रभाव से प्रभावित होते हैं, वो लोग यहाँ पर पूजा करते हैं। महाबालेश्वर मंदिर में हर आज हज़ारों की संख्यां में भक्त लोग आते हैं।

Balaji Mandir

Balaji pooja timing

आरती का समय : ग्रीष्म कालीन
श्री राम दरवार
ग्रीष्म कालीन: सुबह 6:00 से 6:15
ग्रीष्म कालीन: शाम 7:00 से 7:15

श्री बाला जी दरवार
ग्रीष्म कालीन: सुबह 6:15 से 6:45
ग्रीष्म कालीन: शाम 7:15 से 7:45

आरती का समय : शीत कालीन
श्री राम दरवार
शीत कालीन: सुबह 6:10 से 6:25
शीत कालीन: शाम 6:20 से 6:35

श्री बाला जी दरवार
शीत कालीन: सुबह 6:25 से 6:55
शीत कालीन: शाम 6:35 से 7:05

Mehandipur balaji timing

जैसे ही Balaji Mandir की आरती समाप्त होती है, पूरा प्रांगड़ श्री बाला जी के जयकारों से पूरा धाम गूँज उठता है। तत्पचात सभी भक्तजन जो जो आरती में सम्मिलित होते हैं, उन बालाजी महाराज के जल जल छीटें छटकाए जाते हैं।

Sri Ram Dwar (Temple)Aarti Time

Sri Balaki Dwar (Temple) Aarti Time

[Summer]

[Summer]

6:00am to 6:15am (Morning)

6:15am to 6:45am (Morning)


7:00pm to 7:15pm (Evening)

7:15pm to 7:45pm (Evening)

[Winter]

[Winter]

6:10am to 6:25am (Morning)

6:15am to 6:45am (Morning)

6:20pm to 6:35pm (Evening)

6:35pm to 7:05pm (Evening)

How to reach mehandipur balaji Mandir

By Road  Balaji Mandir
जयपुर बस स्टैंड – 58 Kms
By Train
बांदीकुई रेलवे स्टेशन – 36 Kms
By Air
जयपुर एयरपोर्ट – 66 Kms

Bala ji bhajan

Lakhbir Singh Lakha
Hanum Aana Pawan Kumar Humare Har Kirtan Mein
Aaj Hanuman Jayanti Hai
Hanum Anjani Putr Hai Veer Bajrang
Aasro Balaji Mahane Dharo
Hanum Bole Shri Ram Bilakh Ke
Aaya Janam-mahotsav Tera
Hanum Bade Bade Gyani Tere Dar Pe Aaye
Bala Ji Ke Darbar Mein

Balaji song

Anuradha Paudwal Lakhbir Singh
Balaji Kahaye Hanuman Ji
Mehndipur Ka Bala
Balaji Mujhe Apne Dar Pe
Mehndipur Mein Hoti Hai
O Bala Ja Re
Meri Binti Suno Salasar Bala Ji
Salasar Dhaam Mein Bala Hanuman
Anuradha Paudwal, Debashish Lakhbir SinghLakha
Chali Chali Re Bhakton Ki Toli Kavita
Hey Maruti Saari Ram-katha Ka Saar
Kavita Paudwal , Debashish Lakhbir Singh
Sankat Mein Jo Koi Bala Ko Pukare
Aake Darsh Dikha Gayo Re
Resource: www.scribd.com

Mehandipur balaji chalisa

श्री बालाजी चालीसा
।।दोहा ।।
श्री गुरू चरण चितलाय के धरें ध्यान हनुमान ।
बालाजी चालीसा लिखें दास स्नेही कल्याण ।।
विश्व विदित वर दानी संकट हरण हनुमान ।
मेंहदीपुर प्रकट भये बालाजी भगवान ।।

।।चोपाई ।।

जय हनुमान बालाजी देव , प्रकट भए यहाँ तीनों देवा ।
प्रेतराज भैरव बलवाना, कोतवाल कप्तान हनुमाना ।
मेहदीपुर अवतार लिया है, भक्तो का उध्दार किया है ।
बालरूप प्रकटे है यहां पर, संकट वाले आते है जहाँ पर ।

डाकनि, शाकनि अरु जिन्दनी, मशान चुडैल भूत भूतनी ।
जाके भय से सब भाग जाते, स्याने भोपे यहाँ घबराते ।
चौकी बंधन सब कट जाते, दूत मिले आनंद मनाते ।
सच्चा है दरबार तिहारा, शरण पडे सुख पावे भारा ।

रूप तेज बल अतुलित धामा, सन्मुख जिनके सिय रामा ।
कनक मुकुट मणि तेज प्रकाशा, सवकी होवत पूर्ण आशा ।
महंत गणेशपुरी गुणीले, भए सुसेवक राम रंगीले ।
अद्भुत कला दिखाई कैसी, कलयुग ज्योति जलाई जैसी ।

Shri balaji chalisa

ऊँची ध्वज पताका नभ में, स्वर्ण कलश है उन्नत जग मे ।
धर्म सत्य का दंका बाजे, सियाराम जय शंकर राजे ।
आना फिराया मुगदर घोटा, भूत जिंद पर पडते सोटा ।
राम लक्ष्मण सिय ह्रदय कल्याणा, बाल रूप प्रकटे हनुमाना ।

जय हनुमंत हठीले देवा, पुरी परिवार करत है सेवा ।
चूरमा, मिश्री, मेवा, पुरी परिवार करत है सेवा ।
लड्डू, चूरमा, मिश्री, मेवा, अर्जी दरखास्त लगाऊँ देवा ।
दया करे सब विधि बालाजी, लंकट हरण प्रकटे बालाजी ।

जय बाबा की जन-जन उचारे, कोटिक जन आए हेरे द्वारे ।
बाल समय रवि भक्षहि लीन्हा, तिमिर मय जग कीन्ही तीन्हा।
देवन विनती की अति भारी, छाँड दियो रवि कष्ट निहारी ।
लाँघि उदधि सिया सुधि लाए, लक्ष हित संजीवन लाए ।

रामानुज प्राण दिवाकर, शंकर सुवन माँ अंजनी चाकर ।
केसरी नंदन दुख भव भंजन, रामानंद सदा सुख सुख संदन ।
सिया राम के प्राण प्यारे, जय बाबा की भक्तउचारे ।
संकट दुख भंजन भगवाना, हया दरहु हे कृप्या निधाना ।

Balaji chalisa

सुमर बाल रूप कल्याणा, करे मनोरथ पूर्ण कामा ।
अष्ट सिध्दि नव निधि दातारी, भक्त जन आवे बहु भारी ।
मेवा अरु मिष्ठान प्रवीना, भेट चढावें धनि अरु दीना ।
नृत्य करे नित न्यारे-न्यारे, रिध्दि-सिध्दियाँ जाके द्वारे ।

अर्जी का आदेश मिलते ही, भैरव भूत पकडते तब ही ।
कोतवाल कप्तान कृपाणी, प्रेतराज संकट कल्याणी ।
चौकी बंधन कटते भाई, जो जन करते है सेवकाई ।
रामदास बाल भगवंता, मेहदीपुर प्रकटे हनुमंता ।

जो जन बालाजी मे आते है, जन्म-जन्म के पाप नशाते ।
जल पावन लेकर घर आते, निर्मल हो आनंद मनाते ।
क्रूर कठिन संकट भगजावे, सत्य धर्म पथ राह दिखावे ।
जो सत पाठ करे चालीसा, तापर प्रसन्न होय बागीसा ।
कल्याण स्नेही, स्नेह से गावे, सुख समृध्दि रिध्दि सिध्दि पावे ।

।।दोहा ।।
मंद बुध्दि मम जानके क्षमा करो गुणखान ।
संकट मोचन क्षमहु मम दास स्नेही कल्याण ।।

balaji ki mahima

मेंहदीपुर Balaji Mandir प्रेत आत्माओं से छुटकारा दिलाता है। यहाँ पर बहुत सारे लोगो को जंजीरों से बंधा और किसी कसी को तो उल्टा लटका कर रखा जाता है। इन सब को देखकर बालाजी की महिमा से बहुत ही हैरान हो जाते हैं। शाम के समय जब बालाजी की आरती होती है। तो भूतप्रेत से पीड़ित लोगों को जूझते देखा जाता है।

Mehndipur balaji ki mahima

जैसे ही बालाजी की प्रसाद रोगी को खिलाया जाता है, तो वह भूत प्रेत से ग्रसित रोगी नाचने लगता है, झूमने लगा है। भूत प्रेतादि स्वयं ही उसके शरीर में आकर चिल्लाने लगते हैं। कभी वह अपना सिर धुनता है कभी जमीन पर लोटने लता है।

यह सब अविश्वनीय सी प्रतीत होने वाली असाधारण घटना है। वह एक सामान्य आदमी के लिए संभव नहीं है। इस तरह की प्रक्रियाओं के बाद वह बालाजी की शरण में आ जाता है फिर उसे हमेशा के लिए इस तरह की परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है।

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