Ardhanareswar Shivling bana linga

Ardhanareswar Shivling bana linga शिवलिंग की उत्पत्ति कैसे हुई और कैसे होता है फायदा Leave a comment


Ardhanareswar Shivling bana linga शिवलिंग की उत्पत्ति कैसे हुई

Ardhanareswar Shivling bana linga हिन्दू धर्म के अनुसार लोग भगवान को अपनी अपनी आस्था से पूजा करते है| कोई भगवान् की पूजा करने मंदिर जाता है तो कोई भगवान् को घर में ही पूजा करता है| कई लोग भगवान् को गुरुद्वारे में पूजते है तो को दर्गा जाता है| लेकिन वो इस सत्य से अभी तक परिचित नही हुए की भगवान् हर जगह है| चाहे वो हिन्दू हो या मुसलमान, सिख हो या ईसाई हर भगवान् एक ही है बस पूजा करने का और विश्वास करने का नजरिया होता है| अगर कोई सच्चे दिल से भगवान् को मानता है तो पत्थर भी भगवान् का रूप होता है| भगवान् हर जगह है हर पल है और हर घडी है| आइये जानते है भगवान शिव से जुड़े कुछ अनसुने राज़ को|


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शिवलिंग का रहस्य Shivling kya hai in hindi

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Ardhanareswar Shivling bana linga शिवलिंग की उत्पत्ति कैसे हुई और कैसे होता है फायदा  क्या आप लोग जानते है भगवान शिव की पूजा लिंग के रूप में ही क्यों की जाती हैं!  यहाँ तक कि मंदिरों में भी लिंग की ही पूजा होती है। और देखा जाए तो अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों की पूजा होती है। तो ऐसा क्यों है कि शिव की पूजा शिवलिंग के रूप में होती है ? क्या महत्त्व है इसका ? दरअसल शिव लिंग को शक्ति और शाक्यता के रूप में पूजा जाता है। शिवलिंग में योनि को मां शक्ति का प्रतीक रूप माना जाता है। शिव लिंग यह दर्शाता है कि पूरा ब्रह्माण्ड पुरुष और महिला की ऊर्जा से बना है। इसका संस्कृत भाषा में “लिंग” का मतलब होता है चिह्न या प्रतीक|

शिवलिंग की वैज्ञानिकता Ardhanarishwara Stotram benefits

पुरानो के अनुसार एक बार की बात है भगवान ब्रह्मा और विष्णु के बीच अपनी अपनी श्रेष्ठता को लेकर विवाद हुआ| वो विवाद इतना बड़ा हो गया की दोनों भगवान आपने आपको श्रेष्ठ बताने के लिए दोनों देव एक-दूसरे का अपमान करने लगे। जब उनका विवाद बहुत अधिक बढ़ गया, तब एक अग्नि से ज्वालाओं के लिपटा हुआ लिंग भगवान ब्रह्मा और भगवान विष्णु के बीच आकर स्थापित हो गया। वो दोनों सोच में पढ़ गये और दोनों देव उस लिंग का रहस्य समझ नहीं पा रहे थे| उस लिंग का पता लगाने के लिए भगवान ब्रह्मा ने उस लिंग के ऊपर और भगवान विष्णु ने लिंग के नीचे की ओर जाना शुरू किया। हजारों सालों तक खोज करने पर भी उन्हें उस लिंग का कुछ पता नही चल पाया| हार कर वे दोनों देव फिर से वहीं आ गए जहां उन्होंने लिंग को देखा था।

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शिवलिंग स्टोरी Shivling history in hindi

वो वहा जैसे ही पहुचे उन्हे वहा ओम का स्वर सुनाई देने लगा। Ardhanareswar Shivling bana linga वह सुनकर दोनों देव समझ गए कि यह कोई शक्ति है और उस ओम के स्वर की आराधना करने लगे। भगवान ब्रहमा और भगवान विष्णु की आराधना से खुश होकर उस लिंग से भगवान शिव प्रकट हुए| और भगवान् शिव ने दोनों देवों को सद्बुद्धि का वरदान भी दिया। देवों को वरदान देकर भगवान शिव अंतर्धान हो गए और एक शिवलिंग के रूप में स्थापित हो गए। पुरानो के अनुसार वह शिवलिंग जिस में से भगवान् शिव प्रगट हुए थे वो भगवान शिव का पहला शिवलिंग माना जाता था।Ardhanareswar Shivling bana linga


Ardhnarishwar shiv story शिवलिंग की स्थापना

जब भगवान शिव वहां से चले गए और वहां शिवलिंग के रूप में स्थापित हो गए| तब सबसे पहले भगवान ब्रह्मा और विष्णु ने शिव के उस लिंग की पूजा-अर्चना की थी। उसी समय से भगवान शिव की लिंग के रूप में पूजा करने की परम्परा की शुरुआत मानी जाती है।Ardhanareswar Shivling bana linga bhagwaan shiv को भक्त अपनी अपनी आस्था द्वारा मंदिर में पूजते है| शिवलिंग पर दूध चढाते है और व्रत भी करते है| भगवान् शिव का व्रत वैसे तोशिवरात्रि  पर किया जाता है क्यों ki यह भगवान् शिव का त्योहार होता है और इस दिन व्रत रखने से हर मनोकामना पूरी होती है| और यह व्रत सावन के दिनों में भी रखा जाता है और शिवलिंग की पूजा की जाती है|

Ardhnarishwar in hindi शिवलिंग का सच

भगवान् शिव को भोलेनाथ भी कहा जाता है| भगवान् शिव को भोले नाथ इसलिए कहा जाता है क्यों की वो बहुत भोले है वो अपने भक्तो को कभी निराश नही करते उनकी मनोकामना जल्दी पूरी करते है| भगवान् शिव का कहना है जो व्यक्ति मेरी सच्चे मन से आराधना करता है या मुझे सच्चे मन से यद् करता है बिना स्वार्थ के में उसकी हर दुःख में सहायता करता हु| भगवान् शिव भूले नाथ जी बहुत ही सच्चे और भूले भगवान् है| जो भक्त किसी को दुःख देता है, गलत काम करता है, सत्य की रह पर नही चलता उससे भगवान् शिव कभी माफ़ नही करते| भगवान् शिव को किसी ने नही देखा न ही कोई इतना महान है जो उन्हके दर्शन क्र सकता है| इसलिए उनके दर्शन करने के लिए भगवान् शिव की प्रतिमा शिवलिंग की पूजा की जाती है| आखिर यह शिवलिंग होता क्या है|

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शिवलिंग की पूजा क्यों की जाती है Ardhnarishwar meaning

शिवलिंग उससे कहते है जिसे हम भगवान् शिव की प्रतिमा के रूप में पूजते है| यह एक गोलाकार का पत्थर होता है| जिसे पूजा स्थल के गर्भगृह में रखा जाता है। और उसकी पूजा की जाती है लेकिन उससे रखने से पहले कुछ नियम और पूजा होती है जभी वो भगवान् शिव की प्रतिमा बनती है| यह भारत और श्रीलंका में ही नहीं भारत के बाहर विश्व के अनेक देशों में शिव की पूजा की जाती रही है। आपने रामायण में भी पढ़ा होगा श्रीलंका में भी भगवान् शिव की पूजा होती थी| भगवान् शिव बहुत महान है अगर उनका आशीर्वाद मिल जाए तो दुनिया की कोई ताकत आपका कुछ नही बिगड़ सकती| भगवान् शिव की पूजा रावण ने भी की थी जभी वो इतना विध्वानी और शक्तिशाली माना जाता है क्यों की भगवान् शिव का आशीर्वाद उसके साथ था| दुनियाभर में शिव की पूजा का प्रचलन था|

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यह शिवलिंग घर में रखना बहुत ही शुभ मन जाता है क्यों की इससे घर रखने से भगवान् शिव का ध्यान लगना और भी सरल हो जाता है| कहा जाता है अगर शिवलिंग को घर में लाते है तो इससे घर की सारी परेशानी जल्दी ही दूरं होने लगती है| और भगवान् शिव हर मनोकामन जल्दी पूरी करते है यह आप को bana lingam online भी मिल सकता है| आप यह हमारे द्वरा भी purchase कर  सकते है| यह अगर आप सावन के समय लाते है तो आपको इसका दुगना फायदा होता है| और वैसे आप इससे सोमवार के दिन स्थापित कर  सकते है| Ardhanareswar Shivling bana linga

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