आप के पास खुद आएगी तरक्की और लक्ष्मी
यदि घर पर रख ली ये चमत्कारी चीज़

PAISE NAA AANE KA KARAN

समुद्र मंथन के समय राहु  RAHU and ketu नामक एक असुर ने धोखे से दिव्य अमृत की कुछ बूंदें पी ली थीं। सूर्य और चंद्र ने उसे पहचान लिया और मोहिनी अवतार में भगवान विष्णु को बता दिया। इससे पहले कि अमृत उसके गले से नीचे उतरता . विष्णु जी ने उसका गला सुदर्शन चक्र से काट कर अलग कर दिया। इससे उसका सिर अमर हो गया।

RAHU

यही RAHU राहु  ग्रह बना और सूर्य चंद्रमा से इसी कारण द्वेष रखता है. RAHU राहु  ग्रह न होकर ग्रह की छाया है, हमारी धरती की छाया या धरती पर पड़ने वाली छाया। छाया का हमारे जीवन में बहुत असर होता है राहु ग्रह का उपाय

HONE VALI PARESHANI AND US KA KAARAN

राहु ग्रह से होने वाली परेशानी और उसका कारण

RAHU एक छाया ग्रह है यह ग्रह हमारी बुद्धि का कारण है.लेकिन जो ज्ञान हमारी बुद्धि के बावजूद पैदा होता है उसका कारण राहु RAHU है.लाल किताब के अनुसार कुंडली में राहु के दोषपूर्ण या राहु की महादशा या खराब होने की स्थिति के बारे में विस्तार से बताया गया है। अक्सर ऐसा होता है की सब कुछ सही चल रहा हो और अचानक कोई बाधा आने पर आपका बना बनाया काम बिगड़ जाता है.या फिर परिवार का कोई न कोई सदस्य किसी बीमारी से ग्रसित हो जाता है.या विद्यार्थी है उन्हें मेहनत करने के बावजूद मन मुताबिक सफलता नहीं मिल पा रही तो दोस्तों इसका मुख्य कारण होता है की आपके कुंडली में राहु का प्रतिकूल होना. जब राहु किसी की कुंडली में प्रतिकूल हो तो उस व्यक्ति को उसका छपा दुश्मन परेशान करता है,उसकी शादी में समस्या आती है और उसके कोई कार्य सफल नहीं होते.

परन्तु यदि आप अभिमंत्रित राहु यंत्र को अपने घर में रखे तो यह राहु को आपके अनुकूल बनाता है तथा उसके बुरे प्रभाव को समाप्त कर देता है. इस यन्त्र के प्रयोग से कारोबार में सफलता मिलती है, शत्रुओं का दमन होता है और हर क्षेत्र में सफलता मिलती है. राहु के नकरात्मक प्रभाव अगर कुंडली में है या कालसर्प कुंडली में है तो भी इस यन्त्र का प्रयोग बहुत ही ज्यादा लाभकारी होता है.

राहु यंत्र की विशेषता

राहु यंत्र तब उपयोग में आता है जब किसी व्यक्ति के कुंडली में राहु के अशुभ प्रभाव के कारण कोई दोष बन रहा हो यह यंत्र उस दोष को शीघ्र काम काम कर देता है इसके साथ ही यह यंत्र राहु ग्रह की सामान्य तथा विशिष्ट विशेषताओ के लाभ प्राप्त करने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है. राहु यंत्र किसी व्यक्ति के कुंडली में बने कालसर्प दोष को अति शीघ्र दूर करता है ऐसा इसलिए क्योकि राहु तथा केतु जब संयुक्त होते है तो उसी कारण से कुंडली में काल सर्प दोष उत्तपन्न होता है. इसके आलावा ही यह शत्रु शमन, धन योग, कुंडली दोष दूर करने, शादी कार्यो में आ रही बाधा, किसी काम में सफलता प्राप्ति हेतु किया जाता है.

राहु यंत्र स्थापना विधि

राहु यंत्र की स्थापना के लिए उत्तम दिन है शनिवार. शनिवार के सुबह नहाने के पश्चात मंदिर में यंत्र को अपने सामने रखकर 11 या 21 बार राहु के बीज मंत्र का जाप करें तथा तत्पश्चात राहु यंत्र पर थोड़े से गंगाजल अथवा कच्चे दूध के छींटे दें, अब आप राहु महराज का मन ध्यान करते हुए उनसे अधिक शुभ फल प्रदान करने की प्रार्थना करें तथा इसके बाद यंत्र को इसके लिए निश्चित किये गये स्थान पर स्थापित कर दें. आपका राहु यंत्र अब स्थापित हो चुका है तथा इस यंत्र से निरंतर शुभ फल प्राप्त करते रहने के लिए आपको इस यंत्र की नियमित रूप से हर दिन सुबह शाम पूजा करनी है.

राहु यंत्र मन्त्र

ऊँ कयानश्चित्र आभुवदूतीसदा वृध: सखा कयाशश्चिष्ठया वृता

ABHI ODER KARE राहु यंत्र

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